दारु पीने से क्या होता है, शराब का नशा कितने समय तक रहता है, Daru Peene Se Kya Hota Hai, शराब का असर खून में कब तक रहता है, शराब पीने के कितनी देर बाद दवा खानी चाहिए, शराब पीने के बाद दवा, शराब कितनी पीना चाहिए, शराब का असर कितने समय तक रहता है, Sharab Ka Nasha Kitni Der Tak Rehta Hai, हम शराब पीने के बाद दवा ले जा सकते हैं, दारू का नशा कितनी देर तक रहता है, Sharab Peene Se Kya Hota Hai, दवा खाने के बाद कितनी देर बाद शराब पीना चाहिए, दवा खाने के कितनी देर बाद शराब पी सकते हैं, दारू पीने के तुरंत बाद दवा खाने से क्या होता है

शराब पीने के बाद शरीर में क्या क्या होता है? , शराब पीने के बाद शरीर में क्या क्या होता है
अल्‍कोहल के कारण शराब में नशा होता है। अल्कोहल एक रंगहीन तरल है जो अनाज, फल या कुछ सब्जियों में खमीर उठाकर तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में जो रसायन पैदा होता है उसे एथनॉल कहते हैं।

शराब बनाने के लिए विशुद्ध अल्कोहल में अन्य तत्व मिलाकर उसे पतला किया जाता है। जब कोई आदमी शराब पीता है तो अल्कोहल उसके पेट और आंतों से होते हुए खून में पहुंचता है। यह खून तेजी से शरीर के सभी हिस्सों से होता हुआ मस्तिष्क में पहुंचता है।

दरअसल गले में उतरते ही यह शराब पहुंचती है आपके पेट में जहां 10% एल्कोहल सोख ली जाती है. बाकी की शराब छोटी आंत में जाती हैं जहां खून की नलियों में इसे सोख लिया जाता है. हमारा लीवर 15 मिलीग्राम/प्रति घंटा शराब ही चयापचय (मेटाबॉलाइज़) कर पाता है. यानि इतनी मात्रा की मदीरा को ही ऊर्जा में बदला जा सकता है. इसके ऊपर अगर आपने पी तो शराब शरीर में जमने लगेगी और आपका शरीर नशे के संकेत देने लगेगा.

शराब आपके लीवर में दो एनज़ायम्स की बदौलत मेटाबॉलाइज़ होती है – ADH और ALDH. सबसे पहले शराब को मेटाबॉलाइज़ करने का काम ADH करता है जो इसे एसिटैलडीहाइड में बदलता है. एसिटैलडीहाइड एक जहरीला मिश्रण होता है. हमारे वो सिरदर्द से भरे हैंगओवर की वजह इसे ही माना जाता है. खैर, तो एसिटैलडीहाइड को फिर ALDH, एसिटिक एसिड यानि विनेगर में मेटबॉलाइज़ करता है. दो ड्रिंक के बाद नशे के लक्षण थोड़े नजर आने लगते हैं. इसी वजह से आप कुछ ऐसा करने लगते हैं जो आप होश में शायद ही करें जैसे अपने बॉस से जरूरत से ज्यादा फ्रेंडली होने की कोशिश.

लेकिन शराब हमसे ये सब करवा कैसे लेती है?
हमारे दिमाग में होते हैं गाबा न्यूरोन्स, जिन्हें हम स्टॉप न्यूरोन्स भी कह सकते हैं और ग्लूटोमैटर्जिक या गो न्यूरोन्स जो हमसे काम करवाती है. शराब इन दोनों न्यूरोन्स पर असर डालती है और कुल मिलाकर हमारे दिमाग के काफी ज्यादा हिस्से में काम ठप्प पड़ जाता है. इसमें से एक हिस्सा है प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स यानि दिमाग के आगे का हिस्सा. यह काफी सक्रिय होता है लेकिन शराब इसे भी काम का नहीं छोड़ती.

लेकिन शराब पीने के बाद अच्छा क्यों लगता है?
क्योंकि शराब उन न्यूरोन्स को सक्रिय करता है जो हमें अच्छा महसूस करवाते हैं. इसे डोपामीन फील गुड न्यूरोट्रांसमीटर कहते हैं जो शराब के असर का हमें बार बार एहसास दिलाता है और हम एक और ड्रिंक के लिए भागते हैं. और तीन चार ड्रिंक्स के बाद यानि शरीर में 50 मिलीग्राम शराब के जमा होने के बाद तो फिर जो होता है, वही होता है. नशे के और दूसरे असर भी दिखाई पड़ने लगते हैं जैसे पैर लड़खड़ाना.

दस ड्रिंक्स के बाद तो हालत बदतर होते चले जाते हैं. उल्टी, जी घबराना, कुछ याद नहीं आना, ठीक से बोल नहीं पाना, हायपरथर्मिया जब तापमान 104 डिग्री से ऊपर चला जाता है. हायपोवेंटीलेशन जब हम बहुत ही धीमी गति पर सांस ले पाते हैं जिसकी वजह से खून में कार्बन डायऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है. इन सब हालातों से बचने के लिए जरूरी है कि शराब पीते वक्त अपने दिमाग का साथ न छोड़ें.

शरीर में कब तक रहती है शराब?
अगर आपने शराब यानि अल्कोहल का इस्तेमाल किया है, तो इसका पता मूत्र की जांच में चल जाता है और इसकी मौजूदगी मूत्र में 3 से 5 दिन तक रहती है. वहीं, खून में ये 10 से 12 घंटे रह जाती है जबकि बालों की अगर जांच हो, तो 90 दिनों तक शराब का असर रहता है.

एक दिन में कितनी शराब पीनी चाहिए? , 

  • अगर आप बीयर/ शराब पीते है तो लीजिए आप Occasionally 2 units ड्रिंक्स ले सकते हैं जो कि आपके दिल के दौरों से दूर रखती है और आपकों बाकियों से अलग करते हैं।
  • और अगर आप मदिरापान पीने के शौकीन हैं तो 3 units एक दिन में और 21 units एक हफ्ते में पी सकते हैं।
  • शरीर में अल्कोहल को डाइजेस्ट करने के लिए एक एंजाइम होता है जिसे अल्कोहल हाइड्रोजन नेट (Alcohol Hydrogen Net) कहते हैं। जिसके लिवर में इसकी मात्रा सही होती है उसे कोई प्रॉब्लम नहीं होती लेकिन जिसके शरीर में कम होती है उसमें लिवर संबंधित प्रॉब्लम्स जल्दी देखने को मिलती हैं। हमारा शरीर एक घंटे में सिर्फ एक ही ड्रिंक और दिन में कुल 3 ड्रिंक को पचा सकता है लेकिन एक से अधिक स्टैन्डर्ड ड्रिंक पीना हमेशा से ही गलत होता है।

सीमित मात्रा में अल्कोहल पीने के फायदे , तय मात्रा में अल्कोहल पीने के फायदे
आज दुनिया बहुत आगे निकल चुकी है , भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एंजॉयमेंट और एंटरटेनमेंट के लिए लोग पार्टी या फिर अन्य ओकेजन पर अल्कोहल (Alcohol) का सेवन करते हैं।आज के समय में अल्कोहल पीना करना सोशल लाइफ का हिस्सा बन गया है। चाहे वो महिला हो या पुरुष हर कोई अपने शौक के लिए या फिर टेंशन से राहत पाने के लिए अल्कोहल का सेवन करते हैं।

  • अगर आप अपनी पसंद की ड्रिंक वाइन, बीयर, शैंपेन या कुछ भी पीते है तो इससे कई हेल्दी बेनेफिट्स हो सकते हैं। रिसर्च के मुताबिक निर्धारित की हुई लिमिट की मात्रा में अल्कोहल लेने से आपका तनाव कम हो सकता है।
  • हृदय रोगों के होने का खतरा कम होता है – हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ स्कूल में एक अध्ययन में पाया गया कि “सीमित मात्रा” में अल्कोहल का सेवन करने से अच्छे कोलेस्ट्रोल (Good Cholesterol- HDL) का स्तर बढ़ता है जो हृदय को रोगों के प्रति सुरक्षा प्रदान करता है।
  • इसके सेवन से अल्जाइमर रोग (Alzheimer) के जोखिम को कम कर सकता है।ये आपके अंदर क्रिएटिविटी को बूस्ट करता है।
  • सर्दी जुकाम से भी बचाता है – कार्नेगी मेलॉन यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान विभाग के मुताबिक, जहां धूम्रपान की वजह से सर्दी जुकाम होने की सम्भावना बढ़ती है वहीं सीमित मात्रा में शराब का सेवन करने से आम सर्दी जुकाम बहुत कम होती है।
  • डायबिटीज की संभावना कम करता है – एक डच अध्ययन के अनुसार, स्वस्थ वयस्क जो प्रति दिन एक से दो गिलास ड्रिंक करते हैं, उनमें उन लोगों की तुलना में टाइप 2 डायबिटीज होने की संभावना कम होती है जो बिल्कुल नहीं पीते हैं।
  • सीमित मात्रा में अल्कोहल पीने से नींद अच्छी आती है।
  • अल्कोहल से बॉडी रिलेक्स हो जाती है।

शराब का नशा कितने समय तक रहता है , शराब का नशा कितनी देर बाद उतरता है?
कुछ लोग जाने अनजाने बहुत अधिक नशा कर लेते हैं और कई परेशानियों का सामना करते हैं।जब हद से अधिक नशा हो जाये तो उसका असर समाप्त करने के लिए आयुर्वेद में कुछ नुस्खेबताएं गए हैं, जिनसे इसका नशा काफी हद तक उतर जाता है।नशा शरीर में 5 से 6 घण्टे तक रहता है।

शराब पीने के कितनी देर बाद दवा खानी चाहिए, Sharab Pine Ke Kitne Der Baad Dava Khani Chahiye
शराब पीने के बाद अगर आप कोई दवा खाते है तो आपको साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं जैसे चक्कर आना, उल्टी होना, चेहरे का रंग उतर जाना, सिरदर्द, सांस फूलना और सीने में दर्द आदि हो सकता हैं. कुछ मेडिसिन शराब के साथ इंटरैक्ट करती हैं और कुछ नहीं करती। जो दवा शराब के साथ इंटरैक्ट करती हैं वह जानलेवा हो सकती हैं. इसलिए आपको शराब के साथ दवा नहीं लेनी चाहिए। अगर आप को शराब की लत है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए की शराब और दवा के बीच कितने समय का अंतर होना चाहिए।

शराब का नशा कम करने के घरेलू नुस्खे – शराब का नशा कैसे उतारें.

  • ब्लैक कॉफी शराब के नशे को उतारने में मदद करता है।
  • लेमन जूस से भी शराब का नशा उतरता है।
  • एक नींबू एक कप पानी में निचोडकर पिलाने से लाभ मिलता है।
  • शराबी के सिर पर ठंडा पानी डालने और पिसा हुआ धनिया – शक्कर मिलाकर देने से भी नशा उतरता है।
  • नींबू चूसने व अचार खाने से भी नशा हल्का पड़ जाता है।
  • संतरा खाने से भी नशा उतर जाता है।
  • दही और छाछ से भी नशा उतर जाता है।

शराब पीने से शरीर को होते है ये नुकसान , शराब पीने के नुकसान , Daru Pine Ke Nuksan

  • शराब पीने से लीवर और यकृत को नुकसान पहुंचता है।
  • शराब पीने से पाचन तंत्र पर काफी बुरा असर होता है।
  • शराब पीने से अल्कोहल का कई अंगों पर बुरा असर होता है और 200 से भी ज्यादा बीमारियां पैदा कर सकता है।
  • मुंह और गले में अल्कोहल कफ झिल्ली को प्रभावित करता है, और भोजन की नली पर बुराअसर होता है।
  • अल्कोहल के कारन ब्रेस्ट कैंसर और आंत के कैंसर होता है।
  • शराब पीने से पेट में अल्सर हो सकता है।
  • शराब पीने से पाचन तंत्र पर काफी बुरा असर होता है।

मौत का सौदागर है नशा

  • धूम्रपान की वजह से होने वाली दिल की बीमारी की वजह से हर साल 45 लाख लोगों की मौत हो जाती है।
  • 39 लाख लोग हर साल फेफड़े की बीमारी से घिर जाते हैं।
  • 60 प्रतिशत से ज्‍यादा दिल के मरीजों की उम्र 40 साल से कम है।
  • भारत में मुंह के कैंसर की सबसे बड़ी वजह तंबाकू का सेवन है।
  • 25 करोड़ लोग भारत में तंबाकू की लत के शिकार हैं।
  • सन 2020 तक 15 लाख लोग हर साल तंबाकू की वजह से मौत का शिकार बनेंगे।

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