कुंभ राशि के अच्छे दिन कब आएंगे, Kumbh Rashi Ke Acche Din Kab Aaenge, कुंभ राशि की किस्मत कब चमकेगी?, कुंभ राशि का अच्छा समय कब आएगा?, कुंभ राशि की परेशानी, कुंभ राशि वाले दुखी क्यों रहते हैं?, Kumbh Rashi Ki Kismat Kab Chamkegi?, Kumbh Rashi Ka Achchha Samay Kab Aaega?, Kumbh Rashi Ki Pareshani, Kumbh Rashi Vale Dukhi Kyon Rehte Hain?, कुंभ राशि का अच्छा वक्त कब आएगा, Kumbh Rashi Ka Achchha Vakt Kab Aaega

कुंभ राशि के अच्छे दिन कब आएंगे, Kumbh Rashi Ke Acche Din Kab Aaenge
राशि चक्र की ग्यारहवीं राशि कुंभ है. कुंभ एक संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ कलश अथवा घड़ा होता है, इसलिए इस राशि का प्रतीक चिह्न भी घड़ा है. वे लोग जिनके नाम का पहला अक्षर Goo, Ge, Go, Saa, See, Soo, Se, So, Da, गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, डा, द इत्यादि से शुरू होता है उनकी राशि कुम्भ होती है. ये सभी अक्षर कुम्भ राशि से संबध रखते है. इसका राशि स्वामी शनि है. यह पश्चिम दिशा की स्वामिनी है. क्योंकि आज हम बात कर रहे हैं कुंभ राशि की तो यहां जानिए कि कुंभ राशि के अच्छे दिन कब आएंगे, कुंभ राशि की परेशानी क्या है, कुंभ राशि वाले दुखी क्यों रहते हैं और परेशानी से छुटकारा पाने के लिए कुंभ राशि के जातक कौन से उपाय कर सकते हैं.

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इष्ट देव की पूजा से कुंभ राशि के अच्छे दिन आएंगे
अरुण संहिता जिसे लाल किताब के नाम से भी जाना जाता है, के अनुसार व्यक्ति के पूर्व जन्म में किए गए कर्म के आधार पर इष्ट देवता का निर्धारण होता है और इसके लिए जन्म कुंडली देखी जाती है. कुंडली का पंचम भाव इष्ट का भाव माना जाता है. इस भाव में जो राशि होती है उसके ग्रह के देवता ही हमारे इष्ट देव कहलाते हैं. कुंभ राशि का स्वामी ग्रह शनि है और  इष्टदेव काली माता, भैरव या शनिदेव, हनुमान जी हैं. अपने अच्छे दिन लाने के लिए कुंभ राशि के जातकों को इष्ट देव की पूजा करनी चाहिए. इष्ट देव की पूजा करने से व्यक्ति की कुंडली में चाहे कितने भी ग्रह दोष क्यों न हों, अगर इष्ट देव प्रसन्न हैं तो यह सभी दोष व्यक्ति को अधिक परेशान नहीं करते. यहां जानिए कि कुंभ राशि के जातक किस तरह से करें काली माता, भैरव या शनिदेव, हनुमान जी की पूजा ताकि जल्द से जल्द आ सके आपके अच्छे दिन-

1. हनुमान जी की पूजा से कुंभ राशि के अच्छे दिन आएंगे
हनुमान जी की पूजा जितनी सरल है उतनी कठिन भी है, लेकिन अगर कुंभ राशि के जातक पूरे मन और श्रद्धा से मंगलवार के दिन विधि विधान से हनुमान जी की पूजा करें तो जल्द ही उनके जीवन में अच्छे दिन आ जाएंगे. हनुमान जी की पूजा करने के लिए कुंभ राशि के जातक मंगलवार के दिन सुबह उठकर स्नान आदि कर निवृत हो जाएं और लाल वस्त्र धारण करें. कोशिश करें कि आपने जो वस्त्र पहना है वह सिला हुआ ना हो. अब घर के ईशान कोण को साफ कर यहां पर एक चौकी स्थापित करें और उस पर लाल वस्त्र बिछाएं. फिर उस पर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करें और वहां पर हनुमान जी की मूर्ति के साथ भगवान श्री राम और माता सीता की भी प्रतिमा अवश्य रखें. इसके बाद घी का दीपक और धूप दीप जलाकर सुंदर कांड का पाठ करें और हनुमान जी के मंत्रों का जाप करें. फिर लाल फूल, लाल सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं. इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ कर हनुमान जी की आरती करें और भगवान को गुड़, केले और लड्डू का भोग लगाएं. पूजा संपन्न होने के बाद परिवार के सदस्यों को प्रसाद वितरित करें. वहीं यदि आपने मंगलवार का व्रत रखा है तो ध्यान रहे कि आपको इस दिन सिर्फ एक बार शाम के समय भोजन करना है. इस दौरान आप अपने भोजन में केवल मीठा भोजन सम्मिलित करें. दिन में आप दूध, केले और मीठे फलहार को शामिल करें.

1. काली माता की पूजा से कुंभ राशि के अच्छे दिन आएंगे
घर में मां काली की पूजा करना बेहद आसान है और अगर आप पूरे मन व श्रद्धा से मां काली की पूजा करते हैं तो आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और अच्छे दिन आते हैं. इसके लिए आप घर के मंदिर में मां काली की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. मां काली की पूजा में पुष्प लाल रंग का और कपड़े काले रंग के होने चाहिए. माता काली के चरणों में और माथे पर रोली, चंदन और कुमकुम का तिलक लगाएं, उन्हें फूल अर्पित करें. इसके बाद धूपबत्ती बत्ती जलाकर माता काली और अन्य देवी देवता को भी दिखाएं. पूजा के दौरान तीन बार बोलें सभी देवी देवताओं की जय, सभी संतो की जय, सभी पितरों की जय. इसके बाद वहीं जमीन पर बैठकर माता काली की आरती या फिर माता काली की चालीसा का पाठ करें. पाठ पूरा होने के बाद माता काली के चरणों में प्रणाम करें. ध्यान रखें कि आपको एक आसन पर बैठकर हर शनिवार को मां काली के क्रीं क्रीं क्रीं स्वाहा मंत्र का 108 बार जप करना है. जप के बाद प्रसाद के रूप में मां काली को भोग अवश्य अर्पण करें. अपनी इच्छा पूरी होने तक माता काली की पूजा जारी रखें. यदि आप विशेष उपासना करना चाहते हैं तो सवा लाख, ढाई लाख, पांच लाख मंत्र का जप अपनी सुविधा अनुसार कर सकते हैं. उपर दी गई विधि अनुसार पूजा करने से कुंभ राशि के भक्तों के शीघ्र ही अच्छे दिन आते हैं.

2. काल भैरव की पूजा से कुंभ राशि के अच्छे दिन आएंगे
शनिवार के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठ कर नित्य-क्रिया आदि कर स्वच्छ हो जाएं. काले रंग का कपड़ा पहने. एक लकड़ी के पाट पर शिव और पार्वतीजी के साथ काल भैरव के चित्र और मूर्ति को स्थापित करें. जल का छिड़काव करने के बाद सभी को गुलाब के फूलों का हार पहनाएं या फूल चढ़ाएं. अब चौमुखी दीपक जलाएं और साथ ही धूप जलाएं. कंकू, हल्दी से सभी को तिलक लगाएं. इसके बाद अपने हाथ में गंगा जल लेकर व्रत या पूजा करने का संकल्प लें. अब शिव-पार्वती का पूजन करें और उनकी आरती उतारें. फिर भगवान भैरव का पूजन करें. भैरव जी को काले तिल, उड़द अर्पित करें. हलुआ, पूरी और मदिरा भैरव नाथ के प्रिय भोग हैं. इसके अलावा कुंभ राशि के जातक भैरव नाथ को इमरती, जलेबी और 5 तरह की मिठाइयां भी अर्पित कर सकते हैं. शिव चालीसा और भैरव चालीसा पढ़ें. ह्रीं उन्मत्त भैरवाय नमः मंत्र का जाप करें. इसके उपरान्त काल भैरव की आराधना करें. अंत में आरती करें. अब पितरों को याद करें और उनका श्राद्ध करें. पूजा सम्पूर्ण होने के बाद काले कुत्‍ते को मीठी रोटियां खिलाएं या कच्चा दूध पिलाएं. हो सके तो आज के दिन बिल्वपत्रों पर सफेद या लाल चंदन से ॐ नमः शिवाय लिखकर शिव लिंग पर चढ़ाएं. उपर दी गई विधि अनुसार पूजा करने से जल्द ही कुंभ राशि के अच्छे दिन आएंगे.

3. शनिदेव की पूजा से कुंभ राशि के अच्छे दिन आएंगे
शनिदेव की पूजा करने के लिए कुंभ राशि के जातक शनिवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ काले रंग का वस्त्र धारण कर लें. घर के मंदिर में तेल का दीपक प्रज्वलित करें. प्रथम पूज्य गणेश जी के पूजन से पूजा प्रारंभ करें. भगवान शिव औऱ हनुमान जी को फल और फूल चढ़ाएं. अब शनि देव को नीले लाजवन्ती का फूल, तिल, तेल, गुड़ अर्पण करें. पूजा के अंत में 21 बार शनिदेव महाराज के मंत्रों ओम शनैश्चराय विदमहे सूर्यापुत्राय धीमहि.. तन्नो मंद: प्रचोदयात.. का जाप करें और अंत में कपूर से शनिदेव की आरती करें. शनि चालीसा का पाठ करें. पूरे दिन उपवास करें और शाम को पूजा दोहराकर पूजा का समापन करें. पूजा संपन्न होने के पश्चात अपने अपराधों एवं जाने अनजाने हुए पाप के लिए शनिदेव से क्षमा याचना करें. शनि महाराज की पूजा के पश्चात राहु और केतु की पूजा भी जरूर करें. अपने अच्छे दिन लाने के लिए कुभ राशि के जातक शनिदेव की पूजा के बाद पीपल में जल दें और पीपल में सूत्र बांधकर सात बार परिक्रमा करें.

B. शनिवार का व्रत करने से कुंभ राशि के अच्छे दिन आएंगे
यदि कुंभ राशि के जातक लगातार 7 शनिवार तक शनिवार का व्रत करें तो जल्द ही उनके अच्छे दिन आएंगे. शास्त्रों में मान्यता है कि शनिवार का व्रत करने से शनि ग्रह का दोष समाप्त होता है, भविष्य में आने वाले प्रकोप से भी बचाव होता है, साढ़ेसाती और ढैय्या से छुटकारा मिलता है, बिगड़ा काम पूरा होता है, नौकरी और व्यापार में सफलता मिलती ही है, समृद्धि, मान-सम्मान और धन-यश की प्राप्ति होती है. वैसे तो शनिवार का व्रत कभी भी शुरू किया जा सकता है, लेकिन श्रावण मास में शनिवार का व्रत प्रारंभ करने का विशेष महत्व माना गया है. इसलिए कुंभ राशि के जातक अपने अच्छे दिन लाने के लिए नीचे दी गई विधि से शनिवार का व्रत रखें व पूजा पाठ करें.
शनिवार के दिन प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान कर शनि देव का स्मरण करें. इसके बाद पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें. शनि देव की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं. इसके बाद मूर्ति को चावलों से बनाए चौबीस दल के कमल पर स्थापित करें. काले तिल, फूल, धूप, काला वस्त्र व तेल आदि से शनिदेव की पूजा करें. व्रत में पूजा के बाद शनि देव की कथा का श्रवण करें और दिनभर उनका स्मरण करते रहें. पूजन के दौरान शनि के इन 10 नामों का उच्चारण करें- कोणस्थ, कृष्ण, पिप्पला, सौरि, यम, पिंगलो, रोद्रोतको, बभ्रु, मंद, शनैश्चर.
पूजन के बाद कुंभ राशि के जातक पीपल के वृक्ष के तने पर सूत के धागे से सात परिक्रमा करें. इसके पश्चात निम्न मंत्र से शनि देव की प्रार्थना करें-
शनैश्चर नमस्तुभ्यं नमस्ते त्वथ राहवे.
केतवेअथ नमस्तुभ्यं सर्वशांतिप्रदो भव॥
अब अपनी क्षमतानुसार, ब्राह्मणों को भोजन कराएं तथा लौह वस्तु, धन आदि का दान करें. इस दिन व्यक्ति को एक ही बार भोजन करएं. इसके अलावा कुंभ राशि के लोग इस दिन चीटियों को आटा डालें, ऐसा करना आपके लिए फलदायी होगा.

कुंभ राशि की किस्मत कब चमकेगी?, Kumbh Rashi Ki Kismat Kab Chamkegi?
A. शनि दोष दूर करने से चमकेगी कुंभ राशि की किस्मत
1. अपनी किस्मत चमकाने व शनिदोष को दूर करने के लिए कुंभ राशि के जातक प्रत्येक शनिवार को 11 बार महाराज दशरथ द्वारा लिखा गया दशरथ स्तोत्र का पाठ करें. शनि महाराज ने स्वयं दशरथ जी को वरदान दिया था कि जो व्यक्ति आपके द्वारा लिखे गये स्तोत्र का पाठ करेगा उसे मेरी दशा या शनि दशा के दौरान कष्ट का सामना नहीं करना होगा.
2. शनि की बुरी नजर से बचने के लिए शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद हनुमान जी की पूजा करें, हनुमान चालीसा का पाठ करें और उन्हें सिंदूर अर्पित करें. काली तिल्ली के तेल से दीपक जलाएं.
3. मान्यता है कि प्रत्येक शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में शनिदेव निवास करते हैं. इसदिन जल में चीनी एवं काला तिल मिलाकर पीपल की जड़ में अर्पित करके तीन बार परिक्रमा करने से शनि प्रसन्न होते हैं.
4. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि यंत्र की स्थापना करें. हर रोज इसके सामने सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनि यंत्र की विधि-विधान से पूजा करें. माना जाता है कि ऐसा करने वालों पर शनि की कुदृष्टि नहीं होती तथा व्यक्ति का भाग्योदय होता है.
5. शनिवार के दिन उड़द दाल की खिचड़ी खाने से भी शनि दोष के कारण प्राप्त होने वाले कष्ट में कमी आती है.
6. शनिदेव (Shani Dev) की कृपा पाने व अपनी किस्मत को चमकाने के लिए कुंभ राशि के जातक हर शनिवार शाम को किसी शनि मंदिर (Shani Mandir) में ओम शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करें.
7. मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में तिल का दीया जलाने से भी शनि पीड़ा से मुक्ति मिलती है और भाग्योदय होता है.
8. घर में शनिवार के दिन शमी का वृक्ष लगाएं. नियमित रूप से शमी वृक्ष की पूजा करें. इससे न सिर्फ आपके घर का वास्तुदोष दूर होगा बल्कि शनिदेव की कृपा भी बनी रहेगी और किस्मत के सितारें भी बुलंद होंगे.
9. शनिदेव से जुड़े दोष दूर करने या फिर उनकी कृपा पाने के लिए शिव की उपासना एक सिद्ध उपाय है. नियमपूर्वक शिव सहस्त्रनाम या शिव के पंचाक्षरी मंत्र का पाठ करने से शनि के प्रकोप का भय नहीं रहता है और सभी बाधाएं दूर होती हैं. इस उपाय से शनि द्वारा मिलने वाला नकारात्मक परिणाम समाप्त हो जाता है तथा व्यक्ति की किस्मत चमक उठती है.

पीपल के पेड़ के इस उपाय से चमकेगी कुंभ राशि की किस्मत
1. शनिवार के दिन पीपल के पत्ते पर चमेली का तेल लगाकर मंदिर में शिवलिंग को अर्पित करें. इसके बाद 108 बार ओम नमः शिवाय और 108 बार शनि मंत्र ओम शं ह्रीं शं शनैश्चराय नमः का जाप करें. इससे आपकी परेशानी भी दूर होगी और किस्मत के सितारें भी चमक उठेंगे.
2. अपनी किस्मत चमकाने के लिए कुंभ राशि के जातक एक पीपल का वृक्ष लगवाएं. उसमें जल डालें और उसकी रक्षा करें. हर शनिवार को पीपल के पास शनि मन्त्र ओम नमः शिवाय का जाप करें, अवश्य ही लाभ मिलेगा.
3. संतान सुख की प्राप्ति के लिए शनिवार के दिन एक पत्थर लेकर उसे काले रंग से रंगें और उसे पीपल की जड़ में रख आएं. इसके बाद वहां सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि मंत्र का 108 बार जाप करें.
4. शनिवार को पीपल का एक पत्ता उठा लाएं. उस पर सुगंध लगाएं. पत्ते को अपने पर्स में रख लें. हर महीने पत्ते को बदल लें, इस उपाय से भी कुंभ राशि के जातकों की किस्मत में काफी सकारात्मक बदलाव होता है.
5. पीपल के वृक्ष के नीचे हर शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इसके बाद ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करते हुए वृक्ष की नौ बार परिक्रमा करें.

ज्योर्तिलिंग पर पूजा करने से चमकेगी कुंभ राशि की किस्मत
कुंभ राशि के जातकों को अपनी किस्मत चमकाने के लिए ज्योतिर्लिंग पर पूजा करनी चाहिए. भगवान शंकर के पृथ्वी पर 12 ज्योर्तिलिंग हैं जिनका संबंध 12 राशियों से है. उत्तराखंड स्थित केदारनाथ ज्योतिर्लिंग का संबंध कुंभ राशि से है. इस आधार पर कुंभ राशि के व्यक्ति को अपनी किस्मत को चमकाने के लिए केदारनाथ ज्योतिर्लिंग पर पूजा करनी चाहिए. केदारनाथ शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराएं. इसके बाद कमल का फूल और धतूरा चढ़ाएं. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग हिमालय की बर्फ से ढके क्षेत्र में स्थित है. श्री केदारेश्वर केदार नामक एक पहाड़ पर और पहाड़ों के पूर्वी ओर नदी मंदाकिनी के स्त्रोत पर, हिमालय पर स्थित है, अलकनंदा बद्रीनारायण के तट पर स्थित है. यह जगह लगभग 253 किलोमीटर दूर हरिद्वार से और 229 किलोमीटर उत्तर ऋषिकेश की है. केदार भगवान शिव, रक्षक और विनाशक का दूसरा नाम है. केदारनाथ देश का हिमालय में सबसे महत्वपूर्ण मंदिर है. ऐसा माना जाता है कि केदारनाथ मंदिर का निर्माण पाण्‍डवों ने करवाया था. यहां के मंदिर में अंदर की दीवारों पर विस्तृत नक्काशियां देखने को मिलेगी. शिवलिंग एक पिरामिड के रूप में है.

कुंभ राशि की परेशानी, Kumbh Rashi Ki Pareshani
1. कुंभ राशि के जातकों की बड़ी परेशानी यह है कि इस राशि के लोग अपने जीवनसाथी से नियम पालन की आशा रखते हैं. परंतु स्वयं नियमों के विरुद्ध जाते हैं और ऐसा करने में उन्हें कोई बुराई नजर नहीं आती है.
2. कुंभ राशि के जातक थोड़े शर्मीले स्वभाव के होते हैं, इसलिए इनमें संवाद करने की प्रबल इच्छा नहीं पायी जाती है.
3. कुंभ राशि के जातकों की परेशानी यह है कि यदि इनकी नज़रों में कोई बात सही है तो ये उस गलत बात को भी सही ठहराने में लग जाते हैं और लोगों से झगड़ बैठते हैं.
4. कुंभ राशि के जातकों को अपने काम में दखलअंदाज़ी बर्दाश्त नहीं होती है.
5. शीघ्र ग़ुस्सा हो जाना कुंभ राशि के जातकों की बेहद बुरी आदत है.
6. कुंभ राशि के जातक सपनों की दुनिया में ज़्यादा खोये रहते हैं इस वजह से वे अपने वर्तमान की ज्यादा फिक्र नहीं करते.
7. पैसे की कमी के बावजूद ये लोग ख़र्च करने से पीछे नहीं हटते हैं और उधारी में डूबे रहते हैं.

कुंभ राशि वाले दुखी क्यों रहते हैं?, Kumbh Rashi Vale Dukhi Kyon Rehte Hain? 
कुंभ राशि के जातकों के जीवन में अचानक धन हानि के योग होते हैं. जीवन में आने वाले आर्थिक संकट के चलते इस राशि के लोग दुखी रहते हैं. कुभ राशि के जातकों में कर्ज यानी कि उधार लेने की आदत होती है. इस राशि के लोग हमेशा उधार में रहने की चिंता के कारण दुखी रहते हैं. यदि कुंभ राशि के जातकों की नज़रों में कोई बात सही है तो ये उस गलत बात को भी सही ठहराने में लग जाते हैं और लोगों से झगड़ बैठते हैं, कई बार इन्हें इस बात का बुरा खामियाजा भुगतना पड़ता है. कुंभ राशि के जातक सपनों की दुनिया में खोये रहते हैं और जब इनके सपने पूरे नहीं होते तो ये उस बात को लेकर काफी दुखी हो जाते हैं.

दुखों से छुटकारा पाने के उपाय, Dukho Se Chutkara Paane Ke Upay
1. दुखों से छुटकारा पाने के लिए कुंभ राशि के जातक शनिवार के दिन किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर 11 फूल और 11 बेलपत्र से बनी माला चढ़ाएं.
2. शनिवार के दिन रोज रात में एक कटोरे में सरसों का तेल भरकर अपने पलंग के नीचे रखें. सुबह उस तेल में पकौड़े बनाकर कुत्तों को खिलाएं.
3. शनिवार के दिन काली गाय के माथे पर कुमकुम से तिलक लगाएं. इसके बाद उसे बूंदी का लड्डू खिलाएं. फिर उसके दाहिने सींग को अपने हाथ से छूकर आशीर्वाद लें. ऐसा करने से आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे.
4. शनिवार के दिन एक कटोरे में सरसों का तेल निकालें और उस तेल में अपना चेहरा देखें. फिर वो तेल किसी को दान कर दें. ऐसा करने से आपको जीवन के तमाम दुखों से छुटकारा मिलेगा.
5. दुखों से छुटकारा पाने के लिए कुंभ राशि के जातक बछड़े की सेवा करें.

9. शनिदेव की कृपा पाने व दुखों से छुटकारा पाने के लिए कुंभ राशि के जातक अपने माता-पिता का सम्मान और उनकी सेवा करें. यदि आप अपने माता-पिता से दूर रहते हैं तो उन्हें फोन से या फिर मन ही मन प्रतिदिन प्रणाम करें.

कुंभ राशि के अच्छे दिन कब आएंगे, Kumbh Rashi Ke Acche Din Kab Aaenge, कुंभ राशि की किस्मत कब चमकेगी?, कुंभ राशि का अच्छा समय कब आएगा?, कुंभ राशि की परेशानी, कुंभ राशि वाले दुखी क्यों रहते हैं?, Kumbh Rashi Ki Kismat Kab Chamkegi?, Kumbh Rashi Ka Achchha Samay Kab Aaega?, Kumbh Rashi Ki Pareshani, Kumbh Rashi Vale Dukhi Kyon Rehte Hain?, कुंभ राशि का अच्छा वक्त कब आएगा, Kumbh Rashi Ka Achchha Vakt Kab Aaega