Meen Raashi Walon Ko Kiski Pooja Karni Chahiye

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मीन राशि – परिचय

सभी 12 राशियों की संख्या में बारहवीं व अंतिम राशि मीन है. मीन राशि का स्वामी ग्रह गुरु हैं और इसके इष्टदेव विष्णु जी और लक्ष्मी जी हैं. मीन राशि का चिन्ह मछली है. मछली का चिन्ह मीन राशि के शांत, कोमल व दयालु होने के स्वभाव को दर्शाता है. ज्योतिष शास्त्रों के जानकार कहते हैं कि अगर मीन राशि के लोगों के जीवन में कोई समस्या है और सफलता उनसे कोसो दूर है, घर में सुख शांति की कमी है और तरह तरह के संकट उन्हें मानसिक रूप से बीमार कर रहे हैं या कोई अन्य परेशानी उनके सुखी जीवन में बाधा डाल रहा है तो उन्हें अपनी राशि के अनुसार पूजा-पाठ व उपाय करना चाहिए. ऐसा करने से जल्द ही उनके जीवन की परेशानियां कम होने लगेगी. आइए जानते हैं मीन राशि के जातकों को किसकी पूजा करनी चाहिए?, कौन सा व्रत करना चाहिए, किस मंत्र का जाप करना चाहिए, क्या दान करना चाहिए व कौन से उपाय करने चाहिए ताकि उन्हें मनचाहा फल प्राप्त हो सके-

मीन राशि वालों को किसकी पूजा करनी चाहिए?

मीन राशि वालों को किसकी पूजा करनी चाहिए?, Dhanu Raashi Walon Ko Kiski Pooja Karni Chahiye?
इंसान के सभी दुखों का समाधान भगवान की अराधना व पूजा पाठ में छिपा है. जब ईश्वर भक्तों पर प्रसन्न होते हैं तो वे उनके हर दुख हर लेते हैं और जीवन को खुशियों से भर देते हैं. अगर पूजा पाठ अपने राशि के अनुसार किया जाए तो उसका फल जल्दी और दोगुना मिलता है. क्योंकि मीन राशि के जातकों के इष्ट देव विष्णु जी और लक्ष्मी जी हैं इसलिए मीन राशि के जातकों को विष्णु जी और लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए. यहां जानिए कैसे करें भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा-

1. विष्णु जी की पूजा विधि – भगवान विष्णु जी की पूजा के लिए गुरुवार के दिन सुर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहन लें. इसके बाद एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति रखें. सबसे पहले प्रथम पूज्य गणेश जी की पूजा करें, उन्हें स्नान कराएं, वस्त्र अर्पित करें, तत्पश्चात पुष्प, अक्षत अर्पित करें, अब भगवान विष्णु का पूजन आरंभ करें. विष्णु पूजन के लिए विष्णु जी का आवाहन करें, उन्हें स्नान कराएं, पंचामृत एवं जल से उनको शुद्ध करें. अब विष्णु जी को वस्त्र तथा आभूषण पहनाएं. उन्हें धूप, दीप अर्पित करें. विष्णु जी को पीला रंग अधिक प्रिय है. इसलिए उन्हें पीले फूलों की माला पहनाएं और पीले रंग के फलों का भोग भी लगाएं. तुलसीदल भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसलिए पूजा में तुलसीदल का प्रयोग अवश्य करें. ध्यान रखें विष्णु पूजन में चावलों का प्रयोग सामान्यतः नहीं किया जाता है, इसलिए पूजा में चावल की जगह पर तिल का प्रयोग करें. अब सुगंधित इत्र के साथ माथे पर तिलक अर्पित करें. ध्यान रखें कि तिलक में अष्टगंध का प्रयोग किया जाता है. इसके बाद विष्णु जी की आरती करें. आरती के बाद मीन राशि के जातक विष्णु जी को नैवेद्य अर्पित करें और ॐ नमः नारायणाय मंत्र का जाप करें.

2. लक्ष्मी जी की पूजा विधि – लक्ष्मी जी की पूजा करने के लिए शुक्रवार के दिन सुर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहन लें. पूरे घर में और परिवार के सभी सदस्यों पर गंगा जल छिड़कें. पूजा के स्थान पर एक चौकी स्थापित करें, चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर अनाज के दाने फैलाएं. हल्दी पाउडर से उसपर एक कमल बनाकर मां लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें. तांबे के बर्तन में तीन चौथाई पानी भरकर उसमें सिक्के, सुपारी, किशमिश, लौंग, सूखे मेवे और इलायची डालें. बर्तन के ऊपर आम के पत्ते गोलाकार में रखें और इसके बीच में एक नारियल रखें. कलश को सिंदूर और फूलों से सजाएं. पहले गणेश जी की फिर लक्ष्मी जी की पूजा करें. मूर्तियों को शुद्ध जल, पंचामृत, चंदन और गुलाब जल से स्नान कराएं. फिर इन्हें हल्दी पाउडर, चंदन का लेप और सिंदूर से सजाएं. इसके बाद मूर्तियों के चारों ओर माला और फूल चढ़ाएं.
बताशा, लड्डू, सुपारी, सूखे मेवे, नारियल, मिठाई, घर की रसोई में बने व्यंजन का भोग लगाएं. इसके अलावा कुछ सिक्के भी पूजा में रखें. दीपक, अगरबत्ती जलाएं और फूल चढ़ाएं. देवी लक्ष्मी की कहानी पढ़ें या सुनें. कहानी के अंत में देवी की मूर्ति पर फूल चढ़ाए. आखिर में आरती गाकर पूजा का समापन करें. पूजा में स्थापित किये कलश के जल से सिक्का निकाल कर बाकि का जल किसी पेड़ में डाल दें और नारियल व सिक्के को किसी गणेश जी के मंदिर में दान कर दें.

मीन राशि वालों को कौन सा व्रत करना चाहिए?

मीन राशि वालों को कौन सा व्रत करना चाहिए, Dhanu Rashi Vaalon Ko Kaun Sa Vrat Karna Chahiye
मीन राशि का स्वामी ग्रह गुरु हैं इसलिए मीन राशि के जातकों को बृहस्पतिवार (गुरुवार) की पूजा करनी चाहिए. गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. भगवान विष्णु को ही बृहस्पति भगवान भी कहते हैं. गुरुवार का व्रत रखने से गुरु की स्थिति मजबूत होती है, जीवन में सफलता मिलती है. यह व्रत रखने से वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा और साथ ही जिन लड़कियों की शादी नहीं हो रही है उन्हें सुयोग्य वर की प्राप्ति होगी. यहां जानिए मीन राशि के जातक कैसे रखें गुरुवार का व्रत ताकि उन्हें मिल सके मनचाहा फल-
कब से शुरू करें गुरुवार का व्रत – पौष माह को छोड़ कर किसी भी हिंदी महीने से गुरुवार का व्रत की शुरुआत कर सकते हैं. व्रत की शुरुआत शुक्ल पक्ष से करना शुभ माना जाता है.
गुरुवार के कितने व्रत करना चाहिए – नियम के अनुसार, गुरुवार का व्रत 16 गुरुवार तक लगातार रखा जाता है और 17 वें गुरुवार को व्रत का उद्यापन किया जाता है. लेकिन यदि महिलाओं को इस बीच मासिक धर्म होता है तो उस गुरुवार को छोड़ कर अगले से व्रत करना चाहिए.
गुरुवार के व्रत की विधि- मीन राशि के जातक बृहस्पतिवार के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र की स्थापना करें. भगवान विष्णु को पीला वस्त्र अर्पित कर, उन्हें पीले फूल, हल्दी तथा गुड़ और चना का भोग लगाएं. हल्दी मिले जल से भगवान का अभिषेक करें. इसके बाद हाथ में गुड़ और चना लेकर बृहस्पति देव की कथा का पाठ करें. बृहस्पतिवार की आरती करें. जो जातक गुरुवार का व्रत कर रहे हैं वे इस दिन केवल फलाहार ही खाएं. व्रत का पारण अगले दिन स्नान और दान के साथ कर दें. बृहस्पतिवार के दिन केला और पीली वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है.
गुरुवार व्रत में क्या खाएं क्या नहीं – गुरुवार के व्रत में दिन में एक बार बिना नमक का पीला भोजन करें. कहते हैं इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. भोजन में चने की दाल का भी प्रयोग किया जा सकता है. गुरुवार के दिन भूलकर भी काली दाल की खिचड़ी और चावल का सेवन न करें. मान्यता है कि इस दिन चावल खाने से धन हानि होती है.
गुरुवार व्रत की उद्यापन विधि- व्रत के आखिरी गुरुवार को उद्यापन किया जाता है. बृहस्पतिवार व्रत का उद्यापन करने के लिए चने की दाल, गुड़, हल्दी, केला, पपीता और पीले वस्त्र की आवश्यकता होती है. उद्यापन के लिए सबसे पहले बृहस्पतिदेव की विधिवत पूजा की जाती है, इसलिए उपरोक्त विधि से विष्णु जी की पूजा करें,  फिर भगवान को सारी सामग्री चढ़ाकर व्रत का उद्यापन करें. पूजा के बाद ब्राह्मण को भोजन कराएं व दक्षिणा दें फिर स्वय्ं भी प्रसाद व भोजन ग्रहण करें.

मीन राशि के लिए मंत्र, Dhanu Rashi Ke Liye Mantra

1. ॐ बृं बृहस्पतये नम: – बृ​ह​स्पति देव की कृपा पाने के लिए मंत्र
2. ॐ ह्रीं क्लीं सौं: – धन प्राप्ति के लिए मंत्र
3. ऊँ नमो नारायण – सुख समृद्धि के लिए मंत्र
कैसे करें मंत्र जाप –  मंत्र जाप करने के लिए घर के मंदिर में भगवान विष्णु जी की पूजा अराधना करें. पूजा में हार-फूल, प्रसाद सहित अन्य सामग्री प्रतिमा को चढ़ाएं. इसके बाद आसन पर बैठकर मंत्र का जाप 108 बार करें.

मीन राशि वालों को क्या दान करना चाहिए?

मीन राशि वालों को क्या दान करना चाहिए, Dhanu Rashi Walon Ko Kya Daan Karna Chaahie
हिंदू धर्म में राशिनुसार किये जाने वाले दान पुण्य का काफी महत्व है. मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं. अत: इन्हें गुरु ग्रह से संबंधित चीजें जैसे पीली चीज, पुस्तक, शहद, भूमि, दूध देने वाली गाय, लाल चंदन, लाल वस्त्र, तांबा, केसर, मूंगा का दान करना चाहिए. इन चीजों का दान करने से आपको बृहस्पति देव की विशेष कृपा प्राप्त होगी और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी.

मीन राशि के उपाय, Dhanu Rashi Ke Upaay

1. अगर कार्यक्षेत्र में मेहनत के बावजूद भी तरक्की नहीं हो रही है तो मीन राशि के जातक शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र धारण करने के बाद माता दुर्गा के मंदिर में घी का दीपक जलाए. ऐसा करने से जीवन में तरक्की होगी. मार्ग में आ रही बाधाएं दूर हो जाएंगी.
2. दांपत्य जीवन से जुड़ी परेशानियां दूर करने के लिए बुधवार के दिन नहाने के जल में फिटकरी डालकर स्नान करें. घर के आस-पास हरे पेड़ पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें. शयन कक्ष की दीवारों को हरे रंग से रंगें.
3. जीवन में सुख समृद्धि पाने के लिए मीन राशि के जातक गुरुवार का व्रत रखें, इस दिन पीले वस्त्र पहने, पीली वस्तुओं का दान करें यथासंभव पीला भोजन ही करें.
4. लव लाइफ में चल रही समस्या से निजात पाने के लिए सोमवार के दिन कच्चे दूध में शहद मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. इसके अलावा मीठे चावल की खीर कौवों को खिलाएं.
5. आर्थिक परेशानियां दूर करने और धनलाभ के लिए शनिवार के दिन अपनी तिजोरी में नीले रंग का कपड़ा बिछाएं. इसके साथ ही लोहे या चमड़े से बनी चीज़ों को शनिवार के दिन नहीं खरीदें.
6. मीन राशि के लोग गुरुवार के दिन अपने नहाने के पानी में चुटकी भर हल्दी डालकर स्नान करें व नहाते वक्त ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें. मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं.
7. शिक्षा के क्षेत्र में कामयाबी और परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के लिए छात्र केले का पेड़ लगाएं और बृहस्पतिवार के दिन उसे जल चढ़ाकर उसकी पूजा करें.
8. गुरुवार के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराने और उन्हें दान दक्षिणा देने से मीन राशि के लोगों को परेशानियों से निजात मिलता है.

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