-In the second round of corona virus vaccination, those who get vaccinated will get the facility to fix the place- कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देशभर में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. अब तक लाखों लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है. 16 जनवरी से शुरु किए गए टीकाकरण अभियान के तहत वर्कर्स और फ्रंटलाइन वॉरियर्स को कोविड-19 की वैक्सीन दिए जाने का काम लगातार जारी है. उम्मीद है कि मार्च 2021 के आखिर तक इन सभी तीन करोड़ लोगों को वैक्‍सीन लग जाएगी. मार्च 2021 के बाद कोरोना वैक्सीनेशन राउंड 2 की शुरुआत हो सकती है. दूसरे राउंड में 50 साल से ज्‍यादा उम्र वालों और को-मॉर्बिडिटीज वालों को वैक्सीन लगना है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक वैक्सीनेशन राउंड-1 से वैक्सीनेशन राउंड-2 को और भी ज्यादा बेहतर बनाया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक वैक्सीनेशन राउंड-2 में वैक्सीन लेने वालों को ये सुविधा मिल सकती है कि वो खुद ही वैक्सीन लेने के लिए अपनी जगह, तारीख और वक्त चुन सकते हैं. यानी साफ शब्दों में कहें तो आप वैक्सीन के लिए अपनी मर्जी से अपॉइंटमेंट ले सकते हैं.

कोरोना वैक्सीनेशन राउंड-2 में क्या-क्या सुविधा मिल सकती है, जानिए अहम बातें?
टीओआई ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है राउंड-2 में इस तरह से अपॉइंटमेंट देने के लिए वैक्सीन लेने वाले का पहचान कन्‍फर्म करना जरूरी होगा. इसके लिए सरकार आधार की मदद से काम कर सकती है. TRAI चेयरमैन और ऐंटी-कोविड कैंपेन में टेक्‍नोलॉजी और डेटा मैनेजमेंट के एम्‍पावर्ड गुप के प्रमुख राम सेवक शर्मा के मुताबिक, अपॉइंटमेंट के लिए आधार का इस्‍तेमाल हो सकता है. ताकी प्रॉक्‍सी और डुप्‍लीकेशन से बचा जा सके.

राम सेवक शर्मा ने कहा, हमें लोगों को उनकी पसंद की जगह और तारीख पर टीकाकरण कराने की स्वतंत्रता प्रदान करनी होगी. अपॉइंटमेंट लेने की सुविधा को हम रोग्‍य सेतु पोर्टल समेत कुछ अन्‍य प्‍लेटफॉर्म के जरिए देंगे.

रिपोर्ट में लिखा गया है कि इन प्लेटफार्मों से मिले जानकारी और न्य टीकाकरण से संबंधित जानकारी की रिकॉर्डिंग के लिए उनको को-विन (Co-WIN) ऐप के साथ जोड़ा जाएगा. बता दें कि Co-WIN ऐप केंद्र सरकार द्वारा बनाएगी एक आईटी प्लेटफॉर्म है जो कोविड-19 का टीका लगवा रहे लोगों के ट्रैक रिकॉर्ड रखेगी. ये एक ऐसा ऐप है जो वैक्सीन देने से लेकर वैक्सीन लेने वालों के बारे में हर जानकरी रखेगी.

राम सेवक शर्मा ने कहा, वैक्‍सीन पाने वाले व्‍यक्ति का ऑथेंटिकेशन (Authentication) बहुत जरूरी है. इसकी दो वजहें हैं, एक तो उसकी योग्‍यता पता चलेगी, दूसरी उसकी पहचान तय हो जाएगी. मान लीजिए कि आप एक पोलिंग बूथ पर हैं और आपको पता चलता है कि आपका वोट कोई और डाल गया. ठीक वैक्सीनेशन में भी वैसा हो सकता है. मानिए कि आपने अपॉइंटमेंट ली और वैक्सीन लगवाकर कोई और चल गया. इसलिए उस स्थिति से बचने के लिए ऑथेंटिकेशन होना चाहिए.

कोरोना वैक्सीनेशन राउंड-2 में 50 से ज्‍यादा उम्र वाले ऐसे लोगों को शामिल किया जाएगा, जो किसी अन्य न्‍य गंभीर बीमारी से जूझ रहे हों. वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में करीब 27 करोड़ लोगों को टीका लगने की संभावना है.-In the second round of corona virus vaccination, those who get vaccinated will get the facility to fix the place-

नोएडा सेक्टर 63 के इस अस्पताल में मिला संदिग्ध बम, इलाके में मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

Anupama: शो में आया बड़ा ट्विस्ट, वनराज ने लिया काव्या से शादी करने का फैसला