सवाल- लड़कों को  शादी के लिए केवल संस्कारी लड़की ही क्यों पसंद आती है? इसकी वजह क्या है? (Why do boys like only the sanskari girl for marriage)

जवाब – दरअसल भारतीय संस्कृति में स्त्री को पुरुष की अर्धांगनी माना जाता है। यही वजह है कि हमारे समाज में आचरण के पवित्रता की संपूर्ण जिम्मेदारी स्त्री पर ही थोपी गई है। लड़को के लिए संस्कारी लड़की का सीधा सीधा आशय है कि वह आज्ञाकारी हो, अपने पति के प्रति समर्पित हो, उससे जो कहा जाए वो वही करे. पति और परिवार के हां में हां मिलाए. घर पर रहकर खाना पकाए और सास ससुर की सेवा करे. लड़की अपनी सारी इच्छाओं को कुर्बान कर पति की इच्छानुसार ही सारा काम करे आदि आदि । हमारे देश में पति आज भी अपनी पत्नी से सती सावित्री होने की अपेक्षा रखता है लेकिन स्वयं के लिए वह इस तरह के किसी बंधन में नहीं रहना चाहता। संस्कारी लड़की की मांग इसी मानसिकता का प्रतिफल है, जो कि गलत है. अगर लड़का शादी के बाद अपने अनुसार अपना जीवन जीना पसंद करता है तो लड़की को भी अपने अनुसार रहने ,खाने-पीने, उठने, बैठने का अधिकार है. पति या पत्नी एक दूसरे की भलाई के लिए एक दूसरे को समझाने का अधिकार रखते हैं पर खुद के स्वार्थ के लिए किसी पर दबाव बनाने का अधिकार किसी भी पति या पत्नी को नहीं है. बस हर रिश्ते में ईमानदारी, एक दूसरे के प्रति सम्मान होना बेहद जरूरी है.

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