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कंटेंट तालिका
Nind Kyu Aati Hai

Nind Kyu Aati Hai

परिचय – नींद और मनुष्य, Manushya Ko Nind Kyon Aati Hai

मनुष्य अपने जीवन का लगभग एक तिहाई समय सोता है। नींद की कमी आपको मानसिक रूप से कमजोर कर देगी और और अंततः, आप की जान ले लेगी. नींद आपके शरीर की कार्य करने की क्षमता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम इन्सान को जीने के लिए नींद बहुत ही जरुरी है. इन्सान बिना खाए 1-2 महीने तक जीवित रहे सकता है लेकिन बिना सोए 11 दिन में इन्सान की मौत हो सकती है. आज हम जानेंगे नींद यानि की नींद के बारे में कुछ ऐसे तथ्य जो आपको आश्चर्य चकित कर देंगे.

नींद क्यों आती है?, Hamen Nind Kyon Aati Hai

नियमित रूप से हमें नींद आना महज एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। हम किसी पोस्टर को देख रहे हैं या कोई किताब को ध्यान लगाकर पढ़ रहे हैं तो जितना अधिक हम उस पर ध्यान केंद्रित करेंगे, उतने ही हम एक्टिव हैं, पर अगर किसी किताब को पढ़ते या कोई काम करते वक्त हम जितना बोर हो रहे हैं, उतना ही नींद हमें घेर रही होती है, इसलिए हम ज्यादातर हर रात को सो जाते हैं क्योंकि नींद खुद ही आ जाती है। और हम यह भी नहीं कह सकते हैं कि यह कैसे आती है, क्योंकि नींद हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है?
यहां तक कि कई न्यूरोसाइंटिस्ट भी अभी तक इस सिस्टम को समझ नहीं पाए हैं कि हमारे मस्तिष्क के जागरूकता की अवस्था से हम अचानक से नींद में कैसे चले जाते हैं। लेकिन शोध से पता चलता है कि यह कोई अचानक होने वाली घटना नहीं हैं बलिक इसके बजाय यह बहुत ही धीरे-धीरे आने वाली घटना है।
हाल ही में किए गए एक अध्ययन से ये पता चला है कि जब हम अपने कमरे की लाइट बंद करके बिस्तर पर जाते हैं और आपनी आँखें बंद करते हैं तो धीरे-धीरे हमारे मस्तिष्क से अल्फा वेव्स निकलनी शुरू हो जाती है। जो कि हमें आम तौर नींद की ओर ले जाती है। इस अवधि में हमारा मस्तिष्क धीरे-धीरे बाहरी दुनिया से अलग हो जाता है। फिर, कुछ महत्वपूर्ण चरणों से गुजरने के बाद ही हम गहरी नींद की अवस्था में जा पाते हैं।

महत्वपूर्ण चरण जिससे गुजरने के बाद हमें गहरी नींद आती है

नींद के कई चरण होते हैं। मात्र दस मिनट में ही जागृत अवस्था के हल्की नींद की ओर जाने को स्टेज वन श्रेणी की नींद माना गया है। स्टेज टू पहले से गहरी होती है, जो 20 मिनट तक रहती है। नींद के तीसरे और चौथे चरण को गहरी नींद माना गया है। नींद के इसी हिस्से में शरीर और दिमाग को आराम मिलता है और दिनभर की थकान मिटती है। नींद के इस हिस्से में दिमाग से डेल्टा लहरें उत्पन्न होती हैं, इसलिए इसे डेल्टा वेव भी कहा जाता है। इस अवधि में कोई सपने नहीं आते। 90 मिनट की गहरी नींद के बाद रैपिड आई मूवमेंट शुरू होता है। सामान्य नींद में लोग इसके कई बार कई चरणों से होकर गुजरते हैं। दिक्कत तब उत्पन्न होती है, जब यह पैटर्न बदल जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं इन चरणों के बारे में-

तीव्र चक्षुगति निद्रा, चरण 1 , Rapid Eye Movement Sleep ( REM )-

ये अवस्था नींद का लगभग पांचवा हिस्सा बनाती है| इस दौरान दिमाग बहुत सक्रिय होता है आँखें तेजी से हरकत करती है | हम सपने देखते है | लेकिन हमारी मांसपेंशियाँ बहुत ढीली रहती है| चरण 1 में मस्तिष्क की तरंगें धीमी हो जाती है जिसे कि theta-band activity का जाता है। लेकिन अभी भी अल्फा गतिविधि हो रही होती है। चरण 1 के दौरान सिर्फ 10 प्रतिशत लोगों का ही यह कहना है कि वे सो रहे होते हैं।कोई फिल्म देखने के दौरान जब आप बोर हो जाते हैं तो क्या होता है, इस बारे में सोचें। आपको पूरी तरह से कुछ याद नहीं रहता है और आप थोड़ी-थोड़ी देर के लिए नींद के आगोश में जाते रहते हैं।उस दौरान आपको लगता है कि आप जाग रहे हैं लेकिन वास्तव में आप सपनों की एक दुनिया में अपने ही एक अलग रास्ते पर होते हैं।

 मन्द चक्षुगति निद्रा , चरण 2 , Non Rapid Eye Movement Sleep ( Non REM)-

इसके बाद, हमारा दिमाग चरण 2 में जाता है जिसको non-REM (rapid eye movement) sleep कहा जाता है और इस दौरान शुरुआत में हमें अचानक से नींद आ जाती है। हालांकि कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान भी अचानक से आंख खुल जाती है। इसमे मस्तिष्क शान्त रहता है लेकिन हमारा शरीर चल फ़िर सकता है| रक्त में कुछ हार्मोन्स (Hormones) बनते है जिससे हमारा शरीर दिन भर की टूट फूट की मरम्मत करता है| इस अवस्था के चार भाग होते है।

  1. पूर्व निद्रा – मांसपेंशियाँ ढीली हो जाती है, ह्र्दय गति धीमी हो जाती है और शरीर का तापमान कम हो जाता है|
  2. हल्की निद्रा – इस समय तक आपको बिना किसी परेशानी के आसानी से जगाया जा सकता है|
  3. मन्द तरंग निद्रा – हमारे खून का दौरा कम हो जाता है|हम इस अवस्था मे निद्रा में बोलने या चलने की क्रियायें हो सकती है|
  4. अति मन्द तरंग निद्रा – इस समय आपको जगाना बहुत कठिन होता है और यदि कोई आपको जगा दे तो आप बहुत अजीब सा महसूस करते है

चरण 3 और 4 – धीमी लहर की नींद

इसके बाद हम चरण 3 और 4 में दाखिल होते हैं जिसे कि धीमी लहर की नींद ( slow wave sleep )कहा जाता है, और इस स्टेज के दौरान अंत में हम REM sleep अवस्था में चले जाते हैं ये वो स्टेज होती है जिसमें कि हम सपने लेते हैं। 90 प्रतिशत लोगों का कहना है कि स्टेज 3 और 4 में ही वे नींद का अनुभव करते हैं।

हमें कितना सोना चाहिए , कितनी नींद जरूरी?

इस पर कई मतभेद हैं। आधुनिक युग से पहले यानी 1920 के आसपास यूके में माना जाता था कि 9 घंटे की नींद तरोताजा रहने के लिए जरूरी है। अब ऐसा नहीं है। अब साढ़े सात घंटे की नींद को ही विशेषज्ञ पर्याप्त मानते हैं। कई विद्वानों का मानना है कि 6 घंटे की नींद वयस्क मानव शरीर के लिए पर्याप्त है। शर्त यही है कि उसे नींद दवाओं की मदद से नहीं, बल्कि प्राकृतिक रूप से आए। लेकिन एक शोध के अनुसार हमें कितनी नींद की आवश्यकता होती है ये हमारी उम्र पर निर्भर करता है जैसे-
1- बच्चे -17 घन्टे
2- किशोर – 9 से 10 घन्टे
3- व्यस्क – 8 घन्टे
4- वृद्ध – 8 घन्टे , व्यस्क के समान, लेकिन गहरी नींद केवल एक बार ही आती है, वो भी शुरुआती 3 से 4 घन्टे और उसके बाद वे आसानी से जाग जाते हैं .

नींद क्यों जरुरी है – निद्रा क्यों जरुरी है

जिंदगी के लिए आहार, निद्रा और मैथुन तीन प्राकृतिक कर्म माने गए हैं। शेक्सपीयर ने नींद को जिंदगी का सबसे महान पोषक माना है। यह तो हम सभी जानते हैं कि शरीर, मन और आत्मा को स्वस्थ रखने के लिए नींद और आराम निहायत जरूरी है, लेकिन ऐसे कितने भाग्यवान लोग हैं, जिन्हें रातभर चैन की नींद आती है?
प्राचीन समय से ही स्वस्थ रहने के नियमों में सबसे पहला स्थान नींद का रहा है। मानव शरीर की यही खासियत है कि दिनभर की शारीरिक थकान की भरपाई रातभर की नींद में पूरी हो जाती है। जो लोग रात में नहीं सोते उन्हें किसी न किसी तरह दिन में इसकी भरपाई करना जरूरी होता है। हर साल लाखों सड़क दुर्घटनाएँ उनींदे ड्राइवरों के कारण होती हैं।

सेहत के लिए नींद जरूरी है

नींद और वह भी अच्छी नींद का हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। आपने देखा ही नहीं बल्कि महसूस भी किया होगा कि अच्छी और भरपूर नींद लेने के बाद जब आप जागते हैं तो खुद को बेहद तरोताजा और स्फूर्ति भरा पाते हैं। यह सब अच्छी नींद का ही करिश्मा होता है। नींद हमारे थके हुए मस्तिष्क और शरीर को तरोताजा कर नई ऊर्जा से लबरेज करती है। और आप नए जोश के साथ एक नए दिन में आने वाली समस्याओं से लड़ने को जूझने को खुद को पूरी तरह सक्षम पाते हैं। रात में जागकर अपना काम पूरा करने वाले लोग निश्चय ही अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। कम सोने वाले लोग अक्सर चिड़चिड़े हो जाते हैं और उनकी कार्यशैली पर प्रतिकूल असर पड़ता है। कॉल सेंटर में रात को जागकर काम करने वाले अक्सर नींद न आने की समस्या से जूझते हैं, पर वे इस समस्या को अनदेखा सा कर देते हैं। यह एक खतरनाक बात है।
आपको बता दें कि नींद पूरी न होने पर व्यक्ति को भूख ज्यादा लगती है और वह धीरे-धीरे मोटापे की ओर अग्रसर होता चला जाता है। ये उन हार्मोंस के स्तर को गिरा देते हैं या कम कर देते हैं। जिसकी वजह से पेट भर जाने का अहसास होता है, जिससे व्यक्ति सही मात्रा में भोजन कर सके। पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं के लिए तो नींद आना बहुत ही जरूरी है। रात में अच्छी व सही नींद लेने से दिन में याद की गई चीजें अगले दिन स्मृति में रहती है। इसलिए अगर छात्र/छात्राएँ चाहते हैं कि वे पढ़ाई में उन्नति की ओर बढ़े तो उन्हें सही और पूरी नींद लेना बेहद जरूरी है। अपको बता दें कि अच्छी नींद लेने पर दिन में की गई पढ़ाई व सभी बातें न केवल जाग्रत अवस्था में व्यक्ति को याद रहती है बल्कि उसे सपने में भी वे सब बातें याद रहती है। यह सब अच्छी नींद लेने के बाद ही संभव है।

नींद न आने वाली बीमारी और डायबिटीज के बीच सीधा-साधा ताल्लुक है। आपको बता दें कि दिन में 6 घंटे से कम और 9 घंटे से ज्यादा सोने वाले व्यक्ति में 7 से 8 घंटे सोने वाले व्यक्ति की अपेक्षा डायबिटीज की समस्या से ग्रस्त होने की ज्यादा से ज्यादा आशंकाएँ बढ़ जाती हैं। कम नींद लेने से हाई ब्लडप्रेशर, हृदय संबंधी बीमारी होने व हार्टफेल भी हो सकता है। कम नींद लेने वाला व्यक्ति कैंडी और कोला ज्यादा मात्रा में लेता है, जिससे उसके ब्लड शुगर में बढ़ोतरी हो जाती है, जिससे वह डायबिटीज से ग्रस्त हो जाता है। इसके अलावा व्यक्ति पीठ दर्द और सिर दर्द की समस्या से भी जूझते रहते हैं। शरीर की प्रतिरक्षात्मक प्रणाली को भी यह प्रभावित करता है। इसी वजह से ही कम नींद लेने वाले लोग वायरल इंफेक्शन के लपेटे में जल्दी ही आ जाया करते हैं। कम सोने वाला व्यक्ति अवसादग्रस्त होकर गुस्सैल स्वभाव का हो जाया करता है।
आपको बता दें कि पूरे विश्व में पुर्तगाल के लोग रात में सबसे ज्यादा जागते हैं। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के लोग भरपूर नींद का मजा लेने वाले लोगों में आते हैं। हमारा देश भारत विश्व के पाँच ऐसे देशों में आता है जहाँ लोग सबसे जल्दी उठा करते हैं।

नींद की कमी की भरपाई होना मुश्किल

नींद की कमी की भरपाई होना मुश्किल होता है। यदि आप सोमवार से शुक्रवार तक काम में मसरूफ रहते हैं और रातों की नींद के कुछ घंटों की बलि चढ़ा देते हैं तो उसकी भरपाई शनिवार को चंद घंटे अधिक सोने से नहीं होगी। नींद के विषय को गंभीरता से लेना जरूरी है। ताकि मन और शरीर स्वस्थ बना रहे। कार्यकुशलता और क्षमता भी बरकरार रहे। थकान के कारण शरीर पूरी क्षमता से काम नहीं करता है।

नींद का दुरुपयोग

आधुनिक युग में नींद का सबसे अधिक दुरुपयोग किया जाता है। लोग बेडरूम का इस्तेमाल सिर्फ सोने के लिए नहीं, बल्कि दूसरे कामों के लिए भी करने लगे हैं। अक्सर शिकायत करते हैं कि रात को देर से खाते हैं, इसलिए जागना पड़ता है। कई बार पेरेंट्स यह शिकायत करते हैं कि बच्चे जगते रहते हैं, इसलिए हमें भी जागना पड़ता है। यह प्रकृति की नियामत का दुरुपयोग है। टीवी सीरियल देखना या देर रात तक फिल्में देखने से नींद का पैटर्न बदल जाता है। दिन भर की थकावट निकल ही नहीं पाती है और दूसरा दिन सामने आ खड़ा होता है। जब रात में नींद ठीक से नहीं होती है तब चिड़चिड़ापन घर करने लगता है। एसीडिटी तथा अन्य शारीरिक समस्याएँ तो साथ आती ही हैं। अक्सर देखा गया है कि जो लोग रात को भरपूर नींद नहीं सोते, उन्हें दिन में नींद के झोंके आते रहते हैं। शरीर किसी न किसी तरह अपने नींद के कोटे की भरपाई कर लेना चाहता है, लेकिन आधुनिक जीवन की जरूरतें उसे पीछे धकेलती रहती है।

नींद के लिए दवा लेना ठीक नहीं

नींद की कमी को पूरा करने के लिए नींद लाने वाली दवाओं का सेवन करते हैं, किन्तु इनसे मिलने वाली नींद साधारण नींद ना होकर नशा होती है। इसमें नींद के प्राकृतिक गुण नहीं होते। इससे नींद से मिलने वाले लाभों से वंचित रह जाते हैं।

टिप्स – अच्छी नींद के लिए टिप्स

अच्छी नींद लेने के लिए कभी भी दिन में न सोएँ और सोने से कुछ देर पहले एल्कोहल या कैफीन का सेवन भूलकर भी न करें। धूम्रपान न करने से भी नींद अच्छी आती है क्योंकि सिगरेट में पाए जाने वाला निकोटिन नींद में बाधा उत्पन्न करता है। कई प्रकार के ड्रग्स भी आराम की नींद लेने में बाधक सिद्ध होते हैं। रोज सुबह उठकर कसरत करनी चाहिए। अगर आप शाम को कसरत करेंगे तो आपको सोने में परेशानी हो सकती है। जिन महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी होती है उन्हें अक्सर नींद कम आती है। इसलिए शरीर में आयरन की कमी का विशेष ख्याल रखें।

  • खाना जल्दी खाएँ।
  • दूध में शहद डाल कर पीने से नींद अच्छी आती है।
  • संतोषी मन बना कर सोएँ तो अच्छी नींद आएगी।
  • रात को स्नान करके सोने से भी नींद अच्छी आ सकती है।
  • रात को सोते वक्त बेडरूम में रोशनी कम ही रहनी चाहिए, जिससे अच्छी और भरपूर नींद आ सके।
  • सुबह जब आप उठें तो सूर्य की तेज रोशनी को कमरे में अंदर आने दें। क्योंकि सही प्रकाश की वजह से शरीर को सही ऊर्जा मिलती है।

नींद से जुड़े रोचक तथ्य |Interesting Facts About Sleep In Hindi

1. एक व्यक्ति अपने पुरे जीवनकाल में तकरीबन 25 साल सिर्फ सोने में ही बिताता है.
2. हमारा शरीर दोपहर 2 बजे और रात के 2 बजे सब्जे ज्यादा थकावट महेसुस करता है.
3. अगर आप सो रहे होते है और तब कोई आवाज आ रही होती है पर अगर दिमाग को लगता है की इन से कोई भी खतरा नहीं है तो दिमग वो सारी आवाज को बहार निकाल देता है ताकि हम आसानी से नींद पूरी कर पाए.
4. जो लोग बहोत देर रात तक जगे रहेते है उन लोगो के होर्मन्स का स्त्रोत बहोत ही जल्दी गिर जाता है. इसी लिए हमेशा समय पर ही सो जाना चाहिए.
5. पूरी दुनिया में करीब 15% एसे लोग है जिनको नींद में चलने की बीमारी है वही करीब 5% एसे लोग भी है जिनको नींद में बोलने की बीमारी है.
6. दुनिया में कई सारे लोग एसे भी मोजूद थे जिनको अपनी नींद पर पूरी तरह से कंट्रोल था और जब चाहे तब सो और जाग सकते थे. महात्मा गांधीजी भी सिर्फ 5 मिनिट में ही गहेरी नींद हांसिल कर सकते थे.
7. सभी लोग सोते वक्त अपनी सपनो की दुनिया में होते है और जो लोग सपना नहीं देख सकते है उनको वैज्ञानिक भाषा में Personality Disorders बीमारी कहेते है.
8. जो लोग नियमति नींद नहीं पूरी करते हो और देर रात तक जगे रहेते है उनका दिमाग और शरीर थकावट महेसुस करता है जिनकी वजह से उनको Sleep Paralysis जैसा सपना आता है जो बेहद ही भयंकर अवस्था होती है.
9. सभी प्राणियो में घोडा ही एक मात्र एसा जिव है जो खड़े होकर ही सो सकता है वही खरगोस एक मात्र एसा सजीव है जो आंखे खुल्ली रखकर अपनी नीद पूरी करता है.
10. बिल्लियाँ अपने जीवनकाल का 70% हिस्सा सिर्फ सोने में ही निकालती है.
11. सबसे ज्यादा दिल का दौरा 3 से 4 बजे के वक्त ही आता है क्यूंकि इस वक्ता हमारा शरीर बहोत ही कमजोर हो गया होता है.
12. जो लोग लगातार 16 घंटे या उससे ज्यादा जागते हो उनके दिमाग में एसा महेसुस होगा जैसे खून में 0.5% शराब का सेवन करने पर होता है.

13. इन्सान बिना कुछ भी खाए 2 महीने तक जीवित रहे सकता है पर बिना नींद लिए सिर्फ 11 दिन ही जीवित रहे सकता है. इससे आप पता लगा सकते हो की नींद हमारे शरीर के लिए कितनी जरुर है.
14. अमेरिका में 8% से ज्यादा लोग रात को नंगे होकर सोते है.
15. क्या आपको पता है की जब भी आप सोते हो तो आपको छींक नही आती है क्यूंकि यह असम्भव है.
16. यह बात तो सबको पता ही की हम सोते वक्त सपना देखेते है लेकिन आज तक वैज्ञानिक पूरी तरह से यह पता नहीं लगा पाया है की हम सपना क्यों देखते है?
17. जब दुनिया में कलर टीवी नहीं था तब 80% लोगो को सपना भी ब्लैक & वाइट आता था.
18. दुनिया में सिर्फ मनुष्य ही एसा जिव है जो अपनी इच्छा से सो सकते है.
19. जब भी डोल्फिन और व्हेल सोती है तभ भी उनका आधा दिमाग चालू ही रहेता है ताकि वो समय-समय पर उनको याद दिला सके की कब समुद्र की सतह पर सास लेने के लिए जाना है.
20. जब भी पूरा चाँद निकलता है उस वक्त आपको कम नींद आएगी, इनके लिए आप पर्यावरण को जिम्मेदार ठहेरा सकते हो.
21. जब भी आप उदास होते हो एसे वक्त अगर आप नींद कर लेते हो तो आपकी उदासी चली जाएगी.
22. जापान में आप काम करते वक्त सो सकते हो, यहाँ पर इस आदत को एक अच्छी आदत मानी जाती है क्यूंकि वहा के लोग अपने काम के प्रति बहोत ही वफादार होते है और काम खत्म ना हो तब तक लगातार काम करते रहेते है.
23. आज ज्यादातर लोगो को देर रात तक नींद ना आने की समस्या सता रही है उनकी वजह है इन्टरनेट का ज्यादा इस्तमाल.
24. महिलाओ को पुरुषो की तुलनामे 20 मिनिट ज्यादा नींद की आवस्यकता पडती है वर्ना वो तन्वग्र्स्त महेसुस करती है.
25. जब भी इन्सान बहोत ही खुस होता है तब वो कम नींद लेता है तभ भी फ्रेश महेशुस करेगा.

नींद का ज्योतिष से सम्बन्ध, सुझाव और निदान

नींद हर व्यक्ति की सबसे ज्यादा जरूरी आवश्यकता है. नींद के बिना या कम नींद के हम कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. ज्योतिष में लग्न,चतुर्थ,अष्टम और द्वादश भाव से नींद और शैय्या सुख देखा जाता है. शनि नींद का प्रमुख ग्रह है. इसके अलावा चन्द्रमा,शुक्र और बुध भी नींद से सम्बन्ध रखते हैं. जलीय और वायु राशियाँ भी नींद की ही राशियाँ होती हैं.

नींद कब सबसे अच्छी आती है?

  • शनि की आशीर्वाद होने से.
  • चन्द्रमा,शुक्र या बुध के अच्छे स्थान पर होने से अच्छी नींद आती है.
  • अगर आपके कुंडली में जल तत्व की मात्रा मजबूत हो तो भी नींद अच्छी होती है.
  • केंद्र या अष्टम भाव में केवल शुभ ग्रह होने से भी अच्छी नींद आती है.
  • इन राशि वाले लोगों को सामान्यतः अच्छी नींद आती है ये राशि है कर्क,वृश्चिक,मीन,मिथुन,तुला और कुम्भ.
  • जिनके घर के आस पास जल का स्रोत होता है ऐसे लोगों को भी अच्छी नींद आती है.

नींद आने में कब समस्या आती है?

  • शनि अगर दूषित हो तो नींद मे समस्या होती ही है.
  • चन्द्रमा या शुक्र के पीड़ित होने पर भी अकारण नींद नहीं आती.
  • इनके साथ अगर बुध पीड़ित हो तो चिंता के कारन से नींद नहीं आती.
  • अगर कुंडली में अग्नि तत्व या पृथ्वी तत्व प्रधान हो तो भी नींद आने मै मुश्किल होती है.
  • मंगल की प्रचंडता भी शारीरिक तकलीफ से नींद नहीं आने देती.

अच्छी नींद के ज्योतिषीय उपाय जानिए ?

  • कमरे में हल्की सुगंध का प्रयोग कर सकते है.
  • सोने के कमरे का रंग क्रीम , हल्का हरा या गुलाबी रखें तो अच्छी नींद आती है.
  • ज्योतिषीय सलाह लेकर एक मोती अथवा ओपल धारण करें.
  • पलंग के पाए के पास लोटे में जल भरकर रक्खें सुबह उठकर उस जल को पौधों में डाल दें.
  • शयन कक्ष मे गंदे कपड़े भी न रखें और शयन कक्ष को साफ़ सुथरा रखें.
  • पलंग के नीचे कोई भी सामान न रखें , लोहा तो बिलकुल भी नहीं.
  • गले में चांदी जरूर धारण करें और लाल तिलक का प्रयोग न करें.
  • जिस कमरे में सूर्य और चन्द्रमा की किरणें आती हों उसी कमरे को सोने के लिए प्रयोग करें.

कैसे सोना चाहिए रात में? – सोते समय किस दिशा में सिर होना चाहिए

हमें कैसे सोना चाहिए? – पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोना चाहिए, इसके साइंटिफिक रीजन भी हैं। साइंस कहता है की इस दिशा की ओर सिरे करके सोने से अनेक बीमारियां दूर होती हैं। दरअसल, सौर जगत धु्रव पर आधारित है। ध्रुव के आकर्षण से दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर प्रगतिशील विद्युत प्रवाह हमारे सिर में प्रवेश करता है और पैरों के रास्ते निकल जाता है। ऐसा सोने से से भोजन आसानी से पच जाता है। सुबह जब हम उठते हैं, तो मस्तिष्क विशुद्ध वैद्युत परमाणुओं से परिपूर्ण एवं स्वस्थ हो जाता है.

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