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शराब मुक्ति दवा, Sharab Mukti Dava
शराब पीने की लत एक बहुत ही भयानक और मायावी बीमारी है. एक बार इसकी गिरफ्त में आने वाला इसे पाने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाता है. नशेड़ी को जब इसकी तलब होती है तो वह झूठ बोलने, कसमें खाने से भी परहेज नहीं करता. वह इस लत के सामने खुद को कमजोर पाता है. ये लक्षण व्यक्ति विशेष में अलग-अलग पाए जाते हैं.- घबराहट, बेचैनी, चिड़चिड़ापन, अति उत्सुकता. गुस्सा आना, मूड में अचानक बदलाव.- तनाव, मानसिक थकावट.- फैसला लेने में कठिनाई.- याददाश्त कमजोर पड़ना.- नींद न आना.- सिर में तेज दर्द होना.- ज्यादा पसीना निकलना, खासकर हथेलियों और पैर के तलवे से.- जी मिचलाना और भूख कम लगना.- शरीर थरथराना और पलक झपकते रहना.- शरीर में ऐंठन और मरोड़ होना.

शराब छुड़ाने की आयुर्वेदिक दवा, Sharab Churane Ki Ayurvedic Dawa
शराब छुड़ाना बहुत ही मुश्किल काम है. एक्सपर्ट्स केमाने तो दुनिया में कोई चिकित्सा पद्धति ऐसी नहीं है, जो शराब की लत से मुक्ति दिला सके. शराब की वजह से होने वाली बीमारियों का इलाज हो सकता है. ऐल्कॉहॉल से लिवर में सूजन, पेट और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियां हो जाती हैं. आयुर्वेद में इन बीमारियों को दूर करने की दवा दी जाती है हम आपके साथ कुछ आयुर्वेदिक दवा की लिस्ट शेयर कर रहे हैं , लेकिन आप कोई भी दवा लेने से पहले आप डॉक्टर को एक बार जरूर दिखाए –

  1. ऐलोवेरा लिवर के लिए फायदेमंद है, जबकि अश्वगंधा तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क को पुष्ट बनाता है. इसके अलावा जटामांसी भी दिया जाता है. सार्थक चूर्ण, ब्राह्मी घृतम आदि शरीर से शराब के जहर को कम करते हैं. इसके अलावा शंखपुष्पी, कुटकी, आरोग्य वर्धनी आदि दिए जाते हैं. शराब के विकल्प के रूप में सुरा का सेवन कराया जाता है. शराब के बदले मृतसंजीवनी सुरा 30-40 एमएल दी जाती है. इसके बाद धीरे-धीरे इसे कम किया जाता है.
  2. राजस्थान हर्बल सुरारी चूर्ण – यह एक आयुर्वेदिक दवाई है जोकि चूर्ण के रूप में आपको मिलती है, यह दवाई पूरी तरीके से आयुर्वेदिक है और इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है.इस दवाई का उपयोग करने से आप सामने वाले व्यक्ति का शराब पीने की लत और एडिक्शन को दूर कर सकते हो.यह चूर्ण का उपयोग करने से सामने वाले व्यक्ति के लिवर में शराब पीने की वजह से होने वाली हानि और नुकसान भी सही होता है और उनके लीवर को स्वस्थ बनाती है.
  3. लाइफ लाइन क्विट एडिक्शन – यह भी आयुर्वेदिक प्रोडक्ट है जोकि के रू फोरम में आता है. इस दवा को आप सामने वाले व्यक्ति के खाने में मिलाकर उसको दे सकते हो.इस दवाई का नियमित उपयोग करने से किसी भी प्रकार का नशा से मुक्ति मिल जाती है फिर चाहे वह इंसान कितना भी बड़ा शराबी क्यों ना हो.इस दवाई का कोर्स पूरे 3 महीने तक करना चाहिए, और एक पैकेट में 1 महीने की मेडिसिन मिलती है. तब देखा जाए तो आपको पूरे 3 पैकेट की जरूरत पड़ेगी.यह दवाई पूरी तरीके से आयुर्वेदिक है और इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है. इसको आप एक चम्मच पाउडर खाना खाने के बाद पानी में मिलाकर उस व्यक्ति को देख सकते हो.इसके अलावा आप उसके खाने में भी इस पाउडर को मिला सकते हो. कोर्स पूरा होने के बाद आपको इसका असर जरूर देखने को मिलेगा.आपको इसका एक पाउच रोज खाना है और इसको खाने के साथ या पानी में मिलाकर उस व्यक्ति को आप दे सकते हो.
  4. गंगा नशा मुक्ती पाउडर – शराब और निकोटीन की लत छोड़ने में मदद करता है.शराब और धूम्रपान की खपत के कारण यकृत क्षति को रोकें.यह आदी व्यक्ति के ज्ञान के साथ या बिना शाकाहारी या गैर शाकाहारी भोजन आइटम में से किसी में मिश्रण द्वारा दिया जा सकता है कि भोजन आइटम के रंग या स्वाद को बदले बिना. सामग्री -स्वर्णमक्षिक, मोती पिष्टी ,चांदी भस्म, अमचूर ,अम्लवेत, इमली , सितोपलादि , कुटाई , हालू , तुलसी
  5. रीदलकोल आयुर्वेदिक क्विट एडिक्शन -Ridalcol अल्कोहल की लत को रोकने के लिए दवा है. रिडलकोल आयुर्वेदिकहै. रीदलकोल में अश्वगंधा शंकुपुशपी ब्राह्मी टॉनिक के रूप में शामिल है. Vidari Kand (Indian Kudzu) और Punarnava एंटी अल्कोहल के रूप में. Kadu Kariyatu अल्कोहल अपटेक में हस्तक्षेप करता है. तुलसी और भूयमला लिवर टॉनिक. जय एंटी नार्कोटिक है. Arjuna दिल के लिए है.Ridalcol को बिना सूचित किए बिना दिया जा सकता है इसे किसी भी आहार खाद्य आइटम में मिलाया जा सकता है. दाल, सब्जी, रोटी, चावल, पुलाओ. दिन में दो बार दो महीने के लिए 10 ml धीरे-धीरे नशे की लत बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के अल्कोहल का सेवन कम कर देता है.
  6. हर्ब हेल्थ प्लस एंटी एडिक्शन – यदि एक बहुत ही अच्छी दवाई है जोकि कैप्सूल के फॉर्म में आपको मिलती है. इसके 1 डब्बे में आपको टोटल 60 टेबलेट मिलती है.यह दवाई भी पूरी तरीके से हर्बल है जिसमें सभी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का उपयोग किया गया है इसकी वजह से इस टेबलेट को लेने से आपको कोई भी साइड इफेक्ट और नुकसान नहीं होता है.आपको इसके दो टेबलेट दिन में दो बार सुबह या शाम को खाली पेट में पानी के साथ लेना चाहिए. यह भी शराब द किसी भी प्रकार के नशे से छुटकारा पाने के लिए बहुत ही अच्छी मेडिसिन है.

शराब छुड़ाने की होम्योपैथी दवा, Sharab Churane Ki Homeopathic Dawa
काउंसलिंग के साथ-साथ अगर होम्योपथी की दवा नियम से ली जाए, जो लोग शराब की लत के शिकार हैं उनको होम्योपथी की दवा से राहत मिल सकती है. ये दवाएं न सिर्फ ऐल्कॉहॉल से शरीर को होने वाली बीमारियों को ठीक करती हैं, बल्कि मनोवैज्ञानिक नजरिये से भी फायदा पहुंचाती हैं. कुछ खास दवाएं यहां दी जा रही हैं, लेकिन कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें.

  1. क्यूरकस क्यू – आधे कप पानी में क्यूरकस क्यू की 10 बूंद मिलाकर दिन में तीन बार लेने से शराब की वजह से शरीर में फैला जहर दूर हो जाता है. यह लिवर की पुरानी बीमारी और स्प्लिन पर होने वाले असर को रोकती है.
  2. सिनकोना ऑफिसिनैलिस – सिनकोना ऑफिसिनैलिस दवा शराब की वजह से लिवर को होने वाले नुकसान को रोकती है और इसे ठीक करती है. यह जॉन्डिस और ऐल्कॉहॉल की वजह से शरीर को होने वाली कमजोरी को भी दूर करती है.
  3. कैलिडोनियम – कैलिडोनियम एक्यूट हेपेटाइटिस, जॉन्डिस और पेट दर्द से राहत देती है. इसका टिंचर रूप ज्यादा कारगर रहता है. रोजाना 10 बूंद दिन में तीन बार ले सकते हैं.
  4. अलकबेन यह एक बहुत ही अच्छी होम्योपैथिक दवा है जिसको आप किसी भी व्यक्ति को चाय, दूध या पानी में मिलाकर दे सकते हो. इस मेडिसिन की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरीके से नेचुरल प्रोडक्ट से बनी हुई है.
  5. नक्स वोमिका – ये दवा उन लोगो के लिए बहुत लाभदायक है जैसे शराब अधिक लेते हों, पतले, चिड़चिड़े हों, जरा-सा भी शोर रोशनी और खुशबू बर्दाश्त न होती हो. सुबह उठते ही या खाना खाने के बाद उल्टी के जैसा लगता हो, भूख में बहुत कमी रहती हो और हमेशा शराब की जरूरत महसूस होती है, तब नक्स वोमिका रोज रात में लें. काफी लाभ पहुंचेगा और शराब के द्वारा पैदा सभी खराबियों को सही कर देगा.

शराब छुड़ाने के लिए घरेलू नुस्खे, Sharab Churane Ki Gharelu Upay
संतरा और नीबू के रस तथा सेव, केला आदि के सेवन से ऐल्कॉहॉल की वजह से शरीर में जमा जहर कम हो जाता है.

  1. खजूर – खजूर काफी फायदेमंद रहता है. 3-4 खजूर को आधे गिलास पानी में रगड़कर देने से शराब की आदत छोड़ने में मदद मिलती है.
  2. अंगूर – लगातार 25 से 30 दिन तक लगातार अंगूर खाने से शराब पीने की इच्छा मर जाती है. क्यूंकि शराब भी अंगूर और जौ से ही बनती है. अगर अंगूर का सेवन करेंगे तो स्वयं ही शराब पीने का मन नही करेगा.
  3. नमक – अगर आप अपनी शराब की आदत से छुटकारा पाना चाहते है. तब आप गुनगुने पानी में एक चुटकी नमक मिलाकर रोजाना पिए और उलटी करे. इससे आपके पेट के उपरी हिस्से की सफाई हो जाएगी. ऐसा करने से आपके शराब पीने की आदत भी धीरे – धीरे छुटती जाएगी.
  4. गाजर का जूस – रोजाना एक गिलास गाजर का जूस पिने से शराब पीने की इच्छा कम होती है.अन्नास , संतरा और सेब का जूस पिने से भी शराब पीने की लत से मुक्ति मिलती है.
  5. किशमिश – जब आपकी शराब पीने की इच्छा करे तब आप 2 से 4 किशमिश लेकर मुह में रखकर चबाये. इससे शराब पीने की इच्छा कम हो जाएगी.
  6. अजवायन -500 ग्राम अजवायन को 7 लीटर पानी में 2 दिन के लिए भिगो कर रख दे. फिर इसे धीमी आंच में इतना पकाए की पानी सिट कर 2 लीटर रह जाये. फिर पानी को ठंडा करके छान ले और एक साफ़ बोतल में भर कर रख ले. अब जब भी शराब पीने की इच्छा करे 5 चम्मच इसको पिए. ऐसा करने से शराब की लत जल्दी ही छुट जाएगी.
  7. करेला -शराब पीने से किडनी खराब हो जाती है. करेला ऐसा प्रभावशाली उपाय है. जिसका जूस नियमित सुबह पीने से शराब की आदत छुट जाएगी और ख़राब किडनी भी ठीक हो जाएगी. करेला बहुत कडवा होता है. करेला का जूस पीया नही जाता है तो आप इसको किसी और जूस या मठ्ठे के साथ मिलाकर भी पी सकते है.

शराब छुड़ाने के लिए मुद्रा, ध्यान और योगाभ्यासशराब
पीने वालों का आत्मविश्वास धीरे धीरे कमजोर होने लगता है. उनकी एकाग्रता भी क्षीण पड़ती जाती है. साथ ही, पूरे शरीर में शराब का जहर फैल जाता है. मुद्रा, ध्यान तथा योग क्रियाओं के माध्यम से उनके शरीर से विकार को दूर किया जाता है. इन विकारों के दूर होने से ऐल्कॉहॉलिजम के शिकार लोगों को राहत मिल सकती है.
ज्ञान मुद्रा : ज्ञान मुद्रा से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और इससे मन का शुद्धिकरण होता है. ज्ञान मुद्रा करने के लिए दाहिने हाथ के अंगूठे को तर्जनी के टिप पर लगाएं और बाईं हथेली को छाती के ऊपर रखें. सांस सामान्य रहेगी. सुखासन या पद्मासन में बैठकर भी इस क्रिया को किया जा सकता है. इस क्रिया को लगातार 45 मिनट तक करने से काफी फायदा मिलता है. चलते-फिरते भी इस क्रिया को किया जा सकता है.
ध्यान – ध्यान करने से शरीर के अंदर से खराब तत्व बाहर हो जाते हैं. एकाग्रता लाने के लिए त्राटक किया जाता है. इसमें बिना पलक झपकाए प्रकाश की रोशनी को लगातार देखने का अभ्यास किया जाता है. अभ्यास करते-करते एक समय ऐसा आता है जब व्यक्ति को मात्र बिंदु दिखाई देता है.
योगक्रिया – कुछ योग क्रियाओं के माध्यम से शरीर में फैले विष को निकाला जाता है.कुंजल क्रिया: नमक मिला गुनगुना पानी भर पेट पिया जाता है. बाद में इसकी उलटी कर दी जाती है. इससे पेट के ऊपरी हिस्से का शुद्धीकरण हो जाता है.
वस्ति – इस क्रिया के माध्यम से शरीर के निचले हिस्से की सफाई की जाती है. इसे एनिमा भी कहते हैं.
शंख प्रक्षालन – हल्का गुनगुना नमक मिला पानी पेट भरकर पीने के बाद भुजंगासन किया जाता है. इससे पेट शंख की तरह धुल जाता है. इसके बाद हरी पत्ती पालक, मूली, मैथी आदि का सेवन किया जाता है. इससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है और पूरी पाचन क्रिया ठीक रहती है.

सावधानी: क्रिया करने के बाद ठंडे पानी का सेवन न करें और ठंडी हवा से बचें. हरी पत्ती के साथ मूंग दाल, चावल की खिचड़ी शुद्ध घी में मिलाकर खाएं. इसके अलावा कुछ न खाएं. खाते समय पानी न पिएं.ज्ञान मुद्रा दिन में दो बार और कुंजल, बस्ती और अर्द्ध शंखप्रक्षालन हफ्ते में दो बार करने की सलाह दी जाती है. इन क्रियाओं को किसी योग प्रशिक्षक के सामने ही करें.

शराब छुड़ाने के लिए सूत्र 
वैसे व्यक्तित्व में बदलाव के लिए पूरे 12 सूत्र बनाए गए हैं. लेकिन 3 सूत्र जो आपकी शराब छोड़ने मैं मदद कर सकते हैं।

1. ईश्वर पर आस्था- इसमें पूजा, प्रार्थना, ध्यान या दूसरी धार्मिक गतिविधियां हो सकती हैं.जो की आपका धयान नशे से दूर करने मैं मदद करेगा.
2. बुरी आदतों को दूर करना– शराबी को अपनी बुरी आदतों को नोट कर उन्हें छोड़ने पड़ता है.
3. सेवा– किसी शराबी को शराब से मुक्ति दिलाने के लिए बातें करना, घर जाकर समझाना आदि. नशे से लिप्त इंसान को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए.

शराब छुड़ाने के लिए मंत्र, शराब छुड़ाने के टोटके
शराब छुड़ाने के लिए बहुत सारे टोटके है , तंत्र शास्त्र के अतंर्गत ऐसे कई टोटके हैं जिनसे शराब की लत को छुड़वाया जा सकता है. कई ऐसे उपाय बताए गए हैं जो बिल्कुल ही साधारण हैं परन्तु जिनका असर तुरंत और बेहद प्रभावशाली होता है. जानिए क्या है वे उपाय ….

  1. ओम वैदेही सुष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सानातनि! गुणाश्र्ये गुणम्ये नारायणी फट स्व:!! – शराब छुड़ाने कि तांत्रिक उपाय के लिए एक कटोरी में बरसात के पानी में 21 बूंद गंगाजल, सात बूंद नारियल पानी और एक चुटकी सिंदूर मिला कर इसे उबाल कर फिर ठंडा कर लें| अमावस्या की सुबह सवा तीन बजे के करीब शराब की बोतल में इस मिश्रण के कुछ बूंदें मिला दें| इस दौरान निम्नलिखित मंत्र का 11 बार करनी चाहिए;
  2. ॐ श्री गुरुवे नम: अमुकस्य मदय मांस भक्षणं निवारणार्थाय सिद्ध शाबार मंत्र प्रयोग करिषये!!–यह शराब छोड़ने के लिए संकल्प मंत्र हैं, जिसका 21 दिनों तक जाप करना होता हैं| सफेद कागज़ पर, अनार याअष्टगंध से रुद्राक्ष यंत्र बना कर, लकड़ी के चौकी पर पीलावस्त्र बिछाकर यंत्र को स्थापित कर उसके मध्य में ९ मुखी रुद्राक्ष रख करजिसके शराब छुड़ानी होउसका संकल्प करना पड़ता हैं| मंत्र जाप के बाद यंत्र को धोकर इसका पानी प्रतिदिन उस व्यक्ति को पीलाना होता हैं, जिसकी शराब की लत छुड़वानी हों| इक्कीस दिन पश्चात रुद्राक्ष को काले धागे मे पिरों कर उस व्यक्ति को धारण करवाना होता हैं| इसके असर से व्यक्ति अपने आप शराब पीना छोड़ देगा|
  3. ऊं नमो आदेश गुरु माई!गुरु माई तूही दुर्गा तु ही भवानी तु ही नैया पार लगावे बिगड़े मन को राह पे लावे!–इस मंत्र का जाप प्रतिदिन 121 बार करनी होती हैं| जरूरी नहीं की शराब पीने वाला व्यक्ति ही इस मंत्र का जाप करें, उसके स्थान पर उसकी पत्नी अथवा परिवार का कोई भी सदस्य इस मंत्र का जाप कर सकता हैं| कुछ ही दिनों के भीतर शराब पीने वाले व्यक्ति पर इस मंत्र का असर होने लगता हैं|
    हनुमान चालीसा का पाठ- शराब पीने वाले व्यक्ति को सवा आठ रत्ती का मूंगा धारण करनी चाहिए साथ ही मंगलवार को हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी की कृपा से तीन माह के भीतर शराब की लत छूट जाती हैं|
  4. जो व्यक्ति जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन करता है तो उसकी पत्नी अपने पैरों के बिच्छुए को पानी से धोकर तथा शराब की बोतल में से थोड़ी सी शराब लेकर उसमें अपने बिच्छुए डाल दे. त्रयोदशी या पूर्णमाशी के दिन वह शराब निकाल कर दूसरी किसी शराब की बोतल में डाल दें. ऐसा पांच मंगलवार या शनिवार करने से शराब पीने की लत छूट जाती है.जो जातक शराब का सेवन अधिक करता है तो उसके लिए सात पताशे लेकर प्रत्येक पताशे में सरसों के तेल की दो-चार बूंदे डालकर फिर बताशे को हाथ से मसलकर घर से बाहर कहीं दूर जाकर फेंक दें. ऐसा ११ दिन लगातार करने से शराब पीने की लत छूट जाती है. इस मंत्र का जप करें : – “ॐ ह्रीं यं यश्वराये नमः  अथवा जब शराबी निद्रा में हो तो कुटुम्बी उसकी चोटी वाले भाग में देखते हुए मन ही मन इसका जप करें.
  5. शराब को छुड़ाने के लिए सवा मीटर काला कपड़ा और सवा मीटर नीला कपड़ा लेकर इन दोनों को एक-दूसरे के ऊपर रख दें. इस पर 800 ग्राम कच्चे कोयले, 800 ग्राम काली साबूत उड़द, 800 ग्राम जौ एवं काले तिल, 8 बड़ी कीलें तथा 8 सिक्के रखकर एक पोटली बांध लें. फिर जिस व्यक्ति की शराब छुड़वाना हो उसकी लंबाई से आठ गुना अधिक काला धागा लेकर एक जटा वाले नारियल पर लपेट दें. इस नारियल को काजल का तिलक लगाकर धूप-दीप अर्पित करके शराब पीने की आदत छुड़ाने का निवेदन करें. फिर यह सारी सामग्री किसी नदी में प्रवाहित कर दें. जब सामग्री दूर चली जाए तो घर वापस आ जाएं. इस दौरान पीछे मुड़कर न देखें. घर में प्रवेश करने से पहले हाथ-पैर धोएं. शाम को किसी पीपल के वृक्ष के नीचे जाकर तिल के तेल का दीपक लगाएं. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इस टोटके के बारे में किसी को कुछ न बताएं. कुछ ही समय में आप देखेंगे कि जो व्यक्ति शराब का आदि था वह शराब छोड़ देगा.
  6. आप कहीं से जंगली कौवे के पंख मंगवाए, फिर इन पंख को एक गिलास पानी में अच्छे से हिलाकर उस पानी को जो व्यक्ति शराब पिता है उसे पीला दें. यह छोटा सा टोटका शराब की लत छुड़ा देता हैं. – अगर आपका पति शराब का लती है तो एक शराब की बोतल लाए, ध्यान रहे कि यह बोतल उसी ब्रांड की होनी चाहिए जिसका आपके पति प्रयोग करते हैं. इस बोतल को रविवार के ही दिन अपने निकट के किसी भी भैरव बाबा के मंदिर में चढ़ा दें और पुजारी को कुछ रूपए देकर उससे वह बोतल वापिस खरीद लें. पति के सोते समय अथवा जब वह नशे में हो, उस पूरी बोतल को उनके ऊपर 21 बार उसारते हुए “ॐ नमः भैरवाय” मंत्र का जाप करें. इसके बाद बोतल को शाम को किसी भी पीपल के पेड़ के नीचे छोड़ आएं. इस उपाय से कुछ ही दिनों में शराबी की शराब पूरी तरह से छूट जाएगी.
  7. शराब छूड़ाने के लिए एक शराब की बोतल खरीद कर लाएं और शराब के लती परिजन को सोते समय उन पर से 21 बार उसार लें. इसके बाद एक अन्य बोतल में आठ सौ ग्राम सरसों का तेल लें और दोनों को आपस में मिला लें. दोनों बोतलों के ढक्कन बंद कर किसी ऐसे स्थान पर उल्टा गाढ़ दें जहां से पानी बहता हो ताकि दोनों बोतलों के ऊपर से जल लगातार बहता रहे. इस उपाय को करने के कुछ ही दिनों में व्यक्ति को शराब से घृणा हो जाती है और वह शराब पीना छोड़ देता है.
  8. शिमला मिर्च जो कि मोटी-मोटी होती हैं व खाने में तीखी नहीं होती व सब्जी बनाने में प्रयोग करी जाती हैं ,ले लीजिए और उनका जूसर से रस निकाल लीजिए व इस रस का सेवन दिन में दो बार आधा कप नाश्ते या भोजन के बाद करें . आप चमत्कारिक रूप से पाएंगे कि आपकी शराब की तलब अपने आप घटने लगी है.

अगर आपने शराब छोड़ने का फेसला कर लिया है तब आप किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह ले. क्यूंकि अचानक शराब छोड़ने से आपकी सेहत बिगड़ सकती है. डॉक्टर शराब छोड़ने में आपकी मदद करेगा और सही इलाज करेगा.

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