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महिला कामोत्तेजना के शारीरिक लक्षण, Mahila Kamottejana Ke Sharerik Lakshan
महिलाओं में अपनी बात कहने का एक खास तरीका होता है, वो आंखों में आंखें डालकर इशारा करती है। ऐसा होता है कि अगर महिला लगातार आपकी आंखों में आंखें डालकर हल्का हल्का मुस्कुरा रही है या फिर अपने बालों के साथ खेल रही है तो इसका अर्थ है कि वह आपको पसंद करती है। महिलाएं आंखों ही आंखें में बहुत-सी बातें कह देती हैं जिसकी समझ आपको जरूर होनी चाहिए। और कामोत्तेजना में भी ऐसा ही होता है, जैसे कामोत्तेजना में लड़को में कई परिवर्तन आते है ऐसे ही महिलाओं को कामोत्‍तेजना की अनुभूति होने पर उनके शरीर में रक्‍त का बहाव तेज होने लगता है, हृदय की धड़कन भी बढ़ जाती है और नाक, आंख, स्‍तन, स्‍तन, भगोष्‍ठ व योनि की आंतरिक दीवारें फूल जाती हैं। योनि द्वार के अगलबगल स्थित बारथोलिन ग्रंथियों में से तरल पदार्थ योनि पथ को चिकना कर देता है। ये सब महिला कामोत्तेजना के शारीरिक लक्षण है।
पुरुषों और महिलाओं में कामेच्छा की कमी, Purushon Aur Mahilaon Me Kamottejana Ki Kami
हमेशा लोगों के मन में ये सवाल उठताल है कि पुरुषों की कामोत्तेजना बढ़ाने वाली दवाओं जैसे वियाग्रा की तरह ही महिलाओं की कामोत्तेजना बढ़ाने वाली भी कोई दवा है या नहीं? एक रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि महिलाओं को सेक्स के लिए उत्तेजित करने वाली कोई दवा नहीं है। न्यूयॉर्क के एक वैज्ञानिक ने इस बात का खुलासा किया है कि महिलाओं के लिए ऐसी कोई दवा नहीं है जिससे उनकी सेक्स के प्रति रूचि या फिर कामोत्तेजना बढ़ाई जा सके।आम तौर पर लोगों में यौन इच्छा की डिग्री में भिन्नता होती है। यौन इच्छा का कोई भी एक मानक नहीं है और इच्छा न केवल एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग होती है बल्कि एक व्यक्ति के जीवनकाल में भी अलग-अलग होती है।

अधिकांश मामलों में पाया गया है कि महिला और पुरुष के बीच का संवाद अंतर इसका मुख्य कारण है. महिलाएं सेक्स को केवल एक शारीरिक संबंध की तरह नहीं देखती. उनके लिए ये शरीर से बढ़कर एक भावानात्मक जुड़ाव है. जैसे ही रिश्ते में ये भावनात्मकता टूटेगी इसका असर सेक्स लाइफ पर पड़ना तय है.

कामेच्छा (सेक्स ड्राइव) में कमी एक आम समस्या है जो कई पुरुषों और महिलाओं को उनके जीवन में किसी न किसी बिंदु पर प्रभावित करती है। कामेच्छा की कमी कम नींद लेने से लेकर बहुत अधिक शराब पीने तक, कई शारीरिक, भावनात्मक और जीवनशैली संबंधी कारकों के कारण हो सकती है।

कामेच्छा क्या है, Kamechchha Kya Hai
लिबिडो का शाब्दिक अर्थ है कामेच्छा, यह एक ऐसा शब्द है जिसे हम आमतौर पर यौन गतिविधि या यौन गतिविधि की इच्छा का वर्णन करने के लिए उपयोग करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि यौन स्वास्थ्य सेक्सुअलिटी के संबंध में शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की एक अवस्था है, यही कारण है कि आधुनिक चिकित्सकों ने लिबिडो के महत्व को सामान्य स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता के मुख्य संकेतकों में से एक माना है।

हमारे सांस्कृतिक परिवेश में गहरी जड़ों के साथ मानव की कामेच्छा बहुत मानसिक विचार है। हालांकि मूल कामेच्छा मुख्य रूप से मानव की जैविक प्रकृति में व्याप्त है, लेकिन आकर्षण की विशेषताएं आपके सांस्कृतिक स्तर से प्रभावित होती है, विशेष रूप से जीवन काल के प्रांरभिक वर्षों में।

पुरुषों और महिलाओं में समान रूप से, कामेच्छा सीधी एण्ड्रोजन हार्मोन (अर्थात् टेस्टोस्टेरोन) से जुड़ी हुई है। पुरुषों में महिलाओं से लगभग 40 गुना ज्यादा टेस्टोस्टेरोन होने के कारण, माना जाता है कि उनमें अधिक तीव्र कामेच्छा पायी जाती है, हालांकि इसके साथ पुरषों में अधिक आक्रामक व्यवहार भी जाहिर होता है। टेस्टोस्टेरोन के स्तर में इस तरह की असमानता अन्य स्तनधारियों में भी मौजूद है, इसलिए अधिकांश प्रजातियों में यह पूर्वाग्रह दिखता है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक स्पष्ट कामेच्छा और आक्रामकता होती है।

कामेच्छा की कमी क्या है, Kamechchha Ki Kami Kya Hai
कम कामेच्छा का अर्थ है यौन संबंधों की कमी या संभोग करने में रुचि समाप्त हो जाना। यद्यपि कम कामेच्छा दोनों लिंगों को प्रभावित कर सकती हैं, परन्तु पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह सामान्यतः अधिक देखी जाती है।

एक महिला की यौन इच्छा में स्वाभाविक रूप से उसकी आयु के विभिन्न वर्षों में उतार-चढ़ाव होता है। ये उतार-चढ़ाव आमतौर पर किसी रिश्ते की शुरुआत या अंत के साथ, जीवन में होने वाले प्रमुख परिवर्तनों जैसे गर्भावस्था, रजोनिवृत्ति या बीमारी के साथ मेल खाते हैं।

कुछ एंटीडिप्रेसेंट्स और उद्वेग विरोधी दवाएं भी महिलाओं में कम सेक्स ड्राइव का कारण बन सकती हैं। यौन इच्छा को खोने के अलावा, महिलाओं को मासिक धर्म में गंभीर परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।

सेक्स में रुचि खोना पुरुषों के लिए उतनी आम घटना नहीं होती है, जीतनी यह महिलाओं के लिए होती है। क्योंकि यह लगभग 15% से 16% पुरुषों को प्रभावित करती है और कम से कम दुगुनी महिलाओं को प्रभावित करती है। (ध्यान दे की ये आंकड़े अमेरिका के लोगों पर आधारित हैं। इस संबंध में हमारे देश के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।)

न्यूयॉर्क शहर के कपल्स थेरेपिस्ट और मैटिंग इन कैप्टिविटी के लेखक एस्थर पेरेल कहते हैं, ” जब पुरुष सेक्स में रुचि खो देते हैं तो यह उन्हें महिलाओं की तुलना में अधिक डराता है – क्योंकि उनकी मर्दानगी उनकी कामुकताओं से इस हद तक जुड़ी हुई है।”

कामेच्छा की कमी के लक्षण, Kamechchha Ki Kami Ke Lakshan
पुरुषों और महिलाओं में कामेच्छा की कमी के लक्षण निम्नलिखित हैं:-

पुरुषों में कामेच्छा की कमी के लक्षण

  1. टेस्टोस्टेरोन का कम स्तर।
  2. कमजोर पैरासिमिलैथेटिक तंत्रिका।
  3. विभिन्न प्रकार के स्तंभन दोष विशेष रूप से कमजोर लिंग, लिंग में टेढ़ापन, शीघ्रपतन, वीर्य और शुक्राणु का कसान, शुक्राणुओं की संख्या में कमी इत्यादि।
  4. यौन उत्तेजना और इच्छा में कमी।
  5. बिस्तर पर खराब प्रदर्शन।
  6. यौन क्रिया के दौरान मजबूत उत्तेजना और स्खलन में देरी।
  7. थकान और ऊर्जा में कमी।
  8. आत्मसम्मान और आत्मविश्वास में कमी।
  9. शारीरिक फेट में वृद्धि।
  10. मांसपेशियों की समस्या।
  11. बाल झड़ना।
  12. हड्डियों के द्रव्यमान में कमी।
  13. मूड स्विंग्स में वृद्धि।
  14. वीर्य की मात्रा में कमी।

महिलाओं में कामेच्छा की कमी के लक्षण

  1. कोई यौन रोग।
  2. संभोग के दौरान दर्द होना।
  3. मूत्र प्रणाली और जननांग विकार।
  4. योनि विकार।
  5. सेक्स से संतुष्टि न मिलना।
  6. शारीरिक कमजोरी या थकान।
  7. ऊर्जा में कमी।
  8. हार्मोनल उतार चढ़ाव।
  9. मनोदशा में बदलाव।
  10. कम आत्मविश्वास और आत्मसम्मान।
  11. कम ऑर्गेज्म, निम्न टेस्टोस्टेरोन, मूत्र संक्रमण इत्यादि जैसे रजोनिवृत्ति से संबंधित विभिन्न लक्षण।

कामेच्छा की कमी के कारण, Kamechchha Ki Kami Ke Karan
कामेच्छा की कमी अक्सर रिश्ते के मुद्दों, तनाव या थकान से जुड़ी होती है अथवा किसी अंतर्निहित चिकित्सा समस्या का संकेत भी हो सकती है जैसे हार्मोन का निम्न स्तर। महिलाओं और पुरुषों में इसके कारण कुछ भिन्न हो सकते है। इसके लिए निम्नलिखित कारणों को जिम्मेदार माना जाता हैं।

पुरुषों में कामेच्छा की कमी के कारण

  1. टेस्टोस्टेरोन का निम्न स्तर।
  2. अल्कोहल, दवाओं और स्ट्रिंग एंटीबायोटिक का अत्यधिक सेवन।
  3. उच्च रक्तचाप भी कामेच्छा की कमी का मुख्य कारण हो सकता है।
  4. अत्यधिक हस्तमैथुन करना काफी हानिकारक है और यौन तंत्रिकाओं को कमजोर कर सकता है और इस प्रकार कम कामेच्छा उत्पन्न हो सकती है।
  5. अवसाद, तनाव और कई अन्य मनोविकार के साथ तनाव के स्तर में वृद्धि।
  6. अस्वास्थ्यकर जीवनशैली, खासकर अस्वस्थ खाद्य पदार्थों और धूम्रपान की आदत भी कामेच्छा कम करके आपके यौन जीवन में बाधा डाल सकती है।
  7. व्यायाम न करना।
  8. हरी सब्जियां और ताजे फल सहित स्वस्थ आहार का कम सेवन।
  9. सर्जरी के बाद के किसी भी प्रकार के हानिकारक प्रभाव।
  10. हार्मोनल असंतुलन भी कामेच्छा की कमी के प्रमुख कारणों में से एक हो सकता है।
  11. अनुचित नींद मुख्य रूप से दिमाग में गड़बड़ी से उत्पन्न होती है और इसलिए स्वतः ही कामेच्छा प्रवाह को प्रभावित करती है।
  12. गंभीर बीमारी या खतरनाक स्वास्थ्य की स्थिति आपकी प्रतिरक्षा शक्ति को कम कर सकती है जिसके परिणामस्वरूप आपमें में कामेच्छा गंभीर स्तर तक कम हो सकती है।
  13. साथी के साथ अत्यधिक सेक्स।

महिलाओं में कामेच्छा की कमी के कारण

  1. रजोनिवृत्ति
  2. अन्य स्वास्थ्य समस्याएं
  3. यौन समस्याएं
  4. दवाएं
  5. सर्जरी
  6. स्तनपान और गर्भावस्था
  7. संबंधो से जुड़ी समस्याएं जैसे साथी के साथ की कमी, अनसुलझे संघर्ष, खराब यौन व्यवहार, अविश्वास इत्यादि.
  8. मनोवैज्ञानिक कारण विशेषकर चिंता, अवसाद, तनाव, अपने शरीर की मन में एक खराब छवि बन जाना, कम आत्मसम्मान, यौन उत्पीड़न का इतिहास इत्यादि।

कामेच्छा की कमी का निदान 
महिला और पुरुष दोनों को कम कामेच्छा के निदान के लिए एक शारीरिक परिक्षण की आवश्यकता होती है। क्योंकि कई बार गठिया, मधुमेह, हृदय रोग और अन्य पुरानी बीमारियों से पुरुषों या महिलाओं में कामेच्छा की कमी हो सकती है। सेक्स-विशिष्ट समस्याएं, जैसे महिलाओं में एंडोमेट्रियोसिस भी कम कामेच्छा पैदा कर सकती हैं।

सेक्स के दौरान योनि का कोई भी दर्द असामान्य है और कामेच्छा को प्रभावित कर सकता है और आपके चिकित्सक द्वारा इसका मूल्यांकन किया जा सकता हैं। महिला रोगियों को किसी भी योनि स्राव के बारे में पूछा जा सकता है, जो कि संक्रमण का संकेत हो सकता है और बदले में कम कामेच्छा का कारण हो सकता है।

अपने डॉक्टर से चर्चा के दौरान, उनसे आप अभी जो भी दवाएं ले रहे हैं, उसके बारे में बताएं। एंटीडिप्रेसेंट्स, गर्भनिरोधक गोलियां और यहां तक ​​कि एंटीहिस्टामाइन भी कम कामेच्छा पैदा कर सकते हैं।आपने डॉक्टर को यह बताना आवश्यक है कि आपको हमेशा से कामेच्छा की कमी थी या यह एक नई समस्या है। जिन महिलाओं में हमेशा यौन इच्छाओं का निम्न स्तर रहा हो, उनको हाइपोएक्टिव सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर (एचएसडीडी) नामक यौन विकार हो सकता है।

अब तक इसके लिए कोई विशेषीकृत दवा उपलब्ध नहीं थी, लेकिन अच्छी खबर यह है कि वैज्ञानिक एक दवा पर काम कर रहे हैं जो शीघ्र ही हाइपोएक्टिव सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर के इलाज के लिए उपलब्ध हो सकती हैं और महिलाएं अधिक संतोषजनक कामेच्छा प्राप्त कर सकेगी।

आपको अपने मेडिकल इतिहास के बारे में सवाल पूछने के अलावा, आपका डॉक्टर निम्न तरीके भी उपयोग कर सकता है:
1- पेल्विक परिक्षण
पेल्विक परिक्षण के दौरान, आपका डॉक्टर कम यौन इच्छा में योगदान करने वाले शारीरिक परिवर्तनों के लक्षणों की जांच कर सकता है, जैसे आपके जननांग ऊतक, योनि का सूखापन या दर्द ट्रिगरिंग स्पॉट।
2- अन्य परीक्षण की सिफारिश
आपका चिकित्सक हार्मोन का स्तर जांचने के लिए ब्लड टेस्ट की सलाह दे सकता है और थाइरोइड की समस्याओं, मधुमेह, हाई कोलेस्ट्रॉल और लिवर संबंधी रोग के साक्ष्य भी देख सकता है।
3- विशेषज्ञ को रेफर करना
एक विशेषज्ञ परामर्शदाता या विशेषज्ञ सेक्सोलॉजिस्ट उन भावनात्मक और रिश्ते संबंधी कारकों का बेहतर मूल्यांकन कर सकते हैं जो कामेच्छा की कमी का कारण हो सकते हैं।
4- कामेच्छा की कमी का इलाज 
आपको अपनी पत्नी के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए क्योंकि सहवास का पर्याय है बातचीत। किसी ऐसे सायकायट्रिस्ट से मिलना चाहिए, जिसके पास सेक्शुअल डिस्फंक्शन से संबंधित ट्रेनिंग हो। ऐसे मामलों में डॉक्टर या काउंसलर अपने मत को मरीज के ऊपर न थोपें।

कामेच्छा में कमी के कारण के आधार पर, निम्नलिखित संभावित उपचारों हो सकते हैं –

  1. स्वस्थ जीवनशैली अपनाना – अपने आहार में सुधार करें, नियमित व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें, शराब पीना बंद कर दें और तनाव कम करें।
  2. अपनी दवा में बदलाव करना – यदि आप जिस दवा को ले रहे हैं वो आपकी कामेच्छा को प्रभावित कर रही है तो उसकी जगह अपने डॉक्टर से बात करके कोई अन्य विकल्प लें। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो एंटीड्रिप्रेसेंट सहायक हो सकते हैं, लेकिन वे कामेच्छा भी कम कर सकते हैं।
  3. टेस्टोस्टेरोन प्रतिस्थापन (रिप्लेसमेंट) थेरेपी – यदि कामेच्छा की कमी एंड्रोजन की कमी (कम टेस्टोस्टेरोन) के कारण होती है जिसकी ब्लड टेस्ट द्वारा पुष्टि की जाती है, तो आपको टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट चिकित्सा की आवश्यकता हो सकती है।
  4. परामर्श – तनाव या थकावट से संबंधित कामेच्छा की कमी में तनाव प्रबंधन रणनीतियों या मनोवैज्ञानिक परामर्श से मदद मिल सकती है। व्यक्तिगत या कपल काउन्सलिंग किसी भी रिश्ते में परेशानी पैदा करने वाले मुद्दों का पता लगाने और कामेच्छा को बढ़ाने में मददगार हो सकती है। यदि समस्या मनोवैज्ञानिक है तो आपका डॉक्टर मनोचिकित्सा की सिफारिश कर सकते हैं।

आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि टीवी और पत्रिकाओं के विज्ञापनों में दी जाने वाली दवाओं का क्या करें, जो कामेच्छा की कमी के इलाज का दावा करती हैं, जैसे कि सियालिस, लेवित्रा और वियाग्रा? ध्यान रखें कि ये दवाएं कामेच्छा को बढ़ावा नहीं देती हैं। वे केवल आपको उत्तेजना प्राप्त करने और इरेक्शन बनाएं रखने में मदद करती हैं।

अपने शरीर के बारे में जानें और अपने डॉक्टर को बताएं कि आप क्या महसूस कर रहे हैं। यही वह एकमात्र तरीका है जिससे आप जान पायेंगे कि समस्या की जड़ शारीरिक अथवा मनोवैज्ञानिक है या दोनों है। जितनी जल्दी आप यह जानते हैं, उतनी जल्दी आप अपने आप को फिर से हासिल कर सकते हैं और सेक्स जीवन में रंग भर सकते हैं।

कामेच्छा बढ़ाने के लिए आहार, Kamechchha Badhane Ke Liye Aahaar
कुछ आहार भी इसे कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। आइए जानते हैं, उन आहारों के बारे में, जो कामेच्छा को कम करते हैं-

  1. सोया – पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण, स्वास्थ्य के लिहाज से भले ही सोया बहुत अच्छा हो, लेकिन इसके अधिक प्रयोग से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम होने लगता है, जिससे कामेच्छा में कमी आती है। इसके प्रभाव से बचने के लिए सोया या टोफू का प्रयोग कम करें।
  2. धनिया व पुदीना – इन दोनों का प्रयोग अक्सर भोजन को गार्निश करने या उसका स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन इसका अधि‍क प्रयोग करने से भी टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम होता है, और कामेच्छा कम होने लगती है।
  3. कॉर्नफ्लेक्स – सामान्यत: कॉर्नफ्लेक्स को सुबह के नाश्ते का हेल्दी विकल्प माना जाता है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन शरीर में टेस्टोस्टेरॉन को कम करता है।
  4. सौंफ – भोजन करने के बाद या आमतौर पर मुखवास के रूप में खाई जाने वाली सौंफ भी आपकी कामेच्छा को कम करने में सहायक होती है । अगर आप ऐसा नहीं चाहते, तो सौंफ का सेवन अत्यधिक न करें।
  5. पेय पदार्थ और टॉनिक – कुछ पेय पदार्थों में कुनैन पाया जाता है, जो कि सीधे सिनकोना पेड़ से निकला जाता है। यह पदार्थ अपने मलेरिया रोधी गुणों के कारण जाना जाता है। खास तौर से यह कुनैन पुरूषों में कामेच्छा में कमी के लिए जिम्मेदार माना जाता है। अत: ऐसे पेय पदार्थों व टॉनिक से बचें जिसमें कुनैन पाया जाता हो।
  6. शराब – शराब का अधि‍क सेवन आपके स्वास्थ्य पर तो बुरा प्रभाव डालता ही है, साथ ही कामेच्छा में कमी पैदा कर, आपके दांपत्य जवन को भी बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इसके ज्यादा मात्रा में पीने पर सिरदर्द और हैंगओवर भी हो जाता है, जिससे मूड में बदलाव अता है, और संबंध बनाने का मन नहीं करता।

कामवासना को बढ़ाने का होम्योपैथी उपचार

  1. होम्योपैथी और कम कामेच्छा का उपचार: होमियोपैथी आमतौर पर लीबीदो बढ़ाने के लिए सबसे पहले अंतर्निहित स्थितियों का इलाज करती है. लेकिन पुरुषों और महिलाओं के लिए सीधा ड्राइव के रूप में अच्छी तरह से बढ़ने के लिए कई अन्य उपचार भी हैं. चलो कुछ उपचारों पर एक नजर डालें जो आमतौर पर इन समस्याओं का इलाज करते हैं.
  2. लाइकोपोडायम: यह पुरुषों में कम यौन कामेच्छा के इलाज के लिए डॉक्टरों द्वारा निर्धारित सबसे आम दवाओं में से एक है. यह युवाओं के साथ-साथ बूढ़े लोगों के लिए भी उतना ही शक्तिशाली है, जिनके पास ईरेशन लेने या बनाए रखने में समस्याएं होती हैं और इस प्रकार उन्हें कठिनाई होती है.
  3. नक्स वोमिका: यह एक व्यापक रूप से इस्तेमाल की हुई होम्योपैथिक दवा है जो पुरुषों के लिए बहुत अच्छी है. जिनकी जीवन शैली की आदतें जैसे कि शराब ज्यादा पीना, अन्य उत्तेजक, समृद्ध भोजन या असीम काम के तनाव से पीड़ित हैं.
  4. अर्निका(Arnica): यह पुरुषों के लिए एक महान उपाय है, जो थकावट के कारण सख्त न होने के रोग से पीड़ित हैं. यह दवा उपयोगी है भले ही एक व्यक्ति के निर्माण की समस्याओं नहीं है और नियमित सुबह इरेक्शन है, लेकिन सेक्स के लिए एक सामान्य घृणा है.
  5. जीस्सेमियम: यह उन लोगों के लिए एक महान उपाय है, जिनकी इच्छा होती है, लेकिन पेनिस के सख्त न होने के कारण मांसपेशियों के कारण प्रदर्शन करने में सक्षम नहीं होते हैं. कुछ लोग भी प्रदर्शन की चिंता से पीड़ित होते हैं और यहां तक कि दस्त से पीड़ित हो सकते हैं और इस प्रकार इन मामलों में ग्लास्सेमीय बहुत शक्तिशाली औषधि बनती है.

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