खर्राटे रोकने का उपाय, Kharate Ka Ilaj, Kharate Ki Dawa, Kharate Ki Dawai, Kharate Ki Homeopathic Medicine, Kharate Rokne Ki Medicine, Kharate Band Karne Ke Upay, खर्राटे कैसे बंद करें, खर्राटे की आयुर्वेदिक दवा, खर्राटे रोकने की दवा, खर्राटे का आयुर्वेदिक इलाज, Kharate Kaise Band Hote Hain, Kharate Band Karne Ki Dawai, Kharate Band Karne Ke Gharelu Upay

खर्राटे आने के कारण क्या है  ? खर्राटे के लक्षण, कारण, इलाज, दवा, उपचार और परहेज
आज हम आपको बताएंगे कि खर्राटे आने के कारण कई होते हैं (causes of snoring), लेकिन सबसे आम कारण है, खुल के सांस न ले पाना। इसके अलावा भी कई वजहें हैं, जिनसे खर्राटे आते हैं। जानिए खर्राटे आने के ऐसे ही कुछ कारणों (kharate ke karan) के बारे में। Kharate Ka ilaj in Hindi 

  • एलर्जी (allergy) की वजह से भी खर्राटे आते हैं, जैसे- बारिश या फिर बढ़ती सर्दी और घटती गर्मी के मौसम में तमाम तरह की एलर्जी होती हैं, जो खर्राटों का कारण (kharate ke karan) बनती हैं। ऐसे में नाक से हवा ठीक से आ-जा नहीं पाती है और सांस लेने में दिक्कत होती है, जिससे रात को खर्राटे आते हैं।
  • जो लोग साइनस (sinus) से पीड़ित होते हैं, उन्हें भी खर्राटों की शिकायत होती है, क्योंकि साइनस में सांस ठीक से लेने में दिक्कत आती है और इसका नतीजा होता है रात में खर्राटे।
  • एल्कोहल और नींद की दवा गले और जीभ की मांसपेशियों को शांत कर देती है, जिससे नींद के दौरान ये मांसपेशियां सांस लेने में अपनी एनर्जी नहीं लगा पातीं। इस वजह से खर्राटे आते हैं। इसके अलावा जीभ और गले की मांसपेशियां बढ़ती उम्र के साथ भी कमज़ोर होती हैं।
  • शरीर में ज्यादा फैट सिर्फ पेट या फेस पर ही नहीं, बल्कि गले पर भी बढ़ता है। ये मोटापा गले में मौजूद टिशूज़ को भी वजनदार बना देता है, जिस वजह से खर्राटे आते हैं।
  • आपने खांसी या खराश के विज्ञापनों में गले के बीच में लटका यूव्यूला (गले के बीचोबीच लटका मांस का टुकड़ा या टिशू) देखा ही होगा। इसका साइज़ बढ़ा होने पर भी खर्राटे आते हैं, क्योंकि यूव्यूला के बढ़ने से गले और नाक का रास्ता बंद हो जाता है।

खर्राटे का इलाज और असरदार घरेलू उपाय
अच्छे स्वास्थ्य के लिए सुकून की नींद लेना बेहद जरूरी होती है. लेकिन कई बार नींद में जोर-जोर से खर्राटे आपकी और आपके साथी की नींद में खलल पैदा कर सकता है. नींद के दौरान खर्राटे लेना सभी उम्र के लोगों के लिए एक आम समस्या है. कुछ लोगों के लिए यह एक पुरानी समस्या भी हो सकती है. लेकिन कभी-कभी यह एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति का संकेत भी हो सकता है, इसलिए खर्राटे को सामान्य प्रक्रिया समझकर अनदेखा न करें.

खर्राटे कई मामलों में स्लीपिंग डिस्ऑर्डर का हिस्सा होते हैं, इसे हल्के में न लें. केवल नाक को दबाने या नोज़ स्ट्रिप्स लगाने में ही खर्राटे का समाधान न ढ़ूंढें. आप अपने जीवनशैली में कुछ बदलाव करके खर्राटों से छुटकारा पा सकते हैं. आइये जानते हैं इससे राहत पाने के कुछ घरेलू नुस्खें.

सोने का तरीका बदलें
खर्राटों आपके सोने के तरीकों पर भी निर्भर करती है. इसलिए सबसे पहले सोने का तरीका बदलें. यदि आप पीठ के बल सोती हैं, तो इस मुद्रा में आपके गले और जीभ पर ज़्यादा दबाव पड़ता है इसलिए आप करवट लेकर सोएं इससे आपको खर्राटों से राहत मिलेगा. इसी के साथ-साथ नियमित रूप से योगा और व्यायाम करें, इससे भी आपको काफी फायदा मिलेगा.

अपने बिस्तर के सिर को ऊपर उठाएं
चार इंच तक अपने बिस्तर के सिर को ऊपर उठाने से आपके वायुमार्ग को खुला रखने से आपके खर्राटों को कम करने में मदद मिल सकती है.

अगर आपका वजन ज्यादा है तो वजन कम करें
यह गले में ऊतक की मात्रा को कम करने में मदद करेगा जो आपके खर्राटों का कारण हो सकता है. आप छोटे हिस्से और अधिक स्वस्थ खाद्य पदार्थ खाकर अपने समग्र कैलोरी सेवन को कम कर सकते हैं. सुनिश्चित करें कि आप रोजाना नियमित व्यायाम करें. आप मदद के लिए अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ को देखने पर भी विचार कर सकते हैं.

पेपरमिंट ऑयल
यह नाक के पैसेज को खोलने और गले के मोटे टीशूज को सिकोड़ने में मदद करता है. पेपरमिंट ऑयल की दो से तीन बूंद हाथ में लेकर या रुमाल में रखकर रोजाना सूंघें. या फिर इसे पानी में डालकर भाप लें. इससे आपको काफी आराम मिलेगा.
1- पुदीने में कई ऐसे तत्व होते हैं जो गले और नाक के छेदों की सूजन को कम करने का काम करते हैं। इससे सांस लेना आसान हो जाता है। सोने से पहले पिपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदों को पानी में डालकर गरारा (kharate ka ilaj) कर लें। इस उपाय को कुछ दिन तक करते रहें। फर्क आपके सामने होगा।
2- एक कप उबलता हुआ पानी लें। इसमें 10 पुदीने की पत्तियां डालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब यह पानी गुनगुना पीने योग्य हो जाए, तो इसे छानकर या बिना छाने ही पिएं। इससे कुछ ही दिनों में खर्राटों की समस्या ठीक हो जाती है।

मेथी
पाचन का खर्राटों से सीधा संबंध होता है. इसलिए मेथी का सेवन करें यह आपके पाचन को दुुरुस्त करती है और खर्राटों को कम करने में मदद मिलती है. रोजाना रात को आधा चम्मच मेथी पाउडर पानी के साथ पिएं. ऐसा करने से धीरे-धीरे खर्राटों की आवाज कम होने लगेगी.

नीलगिरी के तेल या यूकेलिप्टस ऑयल
यूकेलिप्टस ऑयल में ऐंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. यह नाक के पैसेज की सूजन को कम करता है, जिससे खर्राटे की समस्या में राहत मिलती हैं. नियमित रूप से इस ऑयल की खुशबू या भाप लें. इसके इस्तेमाल से शरीर पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता. How to Stop Snoring home remedies to get rid of snoring

विटामिन सी टैबलेट
विटामिन सी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और इससे साइनस साफ होता है. एक महीने रोजाना विटामिन सी का एक टैबलेट लें. इससे कुछ ही दिनों में खर्राटे गायब हो जाएंगे. गर्भवती महिलाएं और स्तनपान करा रही महिलाएं इस टैबलेट का इस्तेमाल ना करें. आप चाहें तो विटामिन सी युक्त फल और सब्जियां भी खा सकते हैं.

खर्राटे का इलाज इन होम्योपैथिक – खर्राटे का होम्योपैथिक उपचार
दवाइयां : सबसे पहले आप Kali Carb 200, की 2 बुँदे 10-10 मिनट के अंतर से 3-4 बार लें (अगर 15 दिन तक फायदा न हो दुबारा इसे खा सकते है ) इसके अगले दिन से Lemna Minor 30 की 2 बुँदे सुबह, दोपहर , शाम को लें, इसके साथ Teucriium Marum Virum Q को आधे कप पानी में 10 बुँदे सुबह, दोपहर , शाम को खाए।

शराब को सीमित करें या उससे बचें
अपने सोने के समय से कम दो घंटे पहले तक शराब का सेवन न करें. शराब गले की मांसपेशियों को आराम दे सकती है, जिससे खर्राटे आते हैं. हो सके तो शराब से बचें.

धूम्रपान करना बंद करें
धूम्रपान एक अस्वास्थ्यकर आदत है जो आपके खर्राटों लेने की आदत को बढ़ा सकती है. इसलिए धूम्रपान पूरी तरह से बंद कर दें. Follow these home remedies to get rid of snoring

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