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गुटखा या गुटका क्या है, Gutka Kya Hai in Hindi
तम्बाकू जानलेवा है और इसका सेवन किसी भी रूप में किया जाए शरीर को नुकसान पहुंचाता है। तम्बाकू का ऐसा ही एक रूप गुटखा और पान मसाला है, जिसे कत्था और सुपारी मिलाकर बनाया जाता है। हजारो  वर्षों से तंबाकू का उपयोग दुनिया के हर क्षेत्रों में किसी न किसी रूप में किया जाता रहा है। चबाने वाला तम्बाकू को अकेले या अन्य अवयवों के साथ मिलकर उपयोग किया जाता है। भारत में तम्बाकू कई रूप में खाई जाती है जैसे – गुटखा , पान मसाला , पान (बीटल क्विड), सूखे पत्ते (पत्ति), पेस्ट (कीवान, जरदा), चूने के साथ तंबाकू (खैनी) आदि।

तम्बाकू बहुत लोकप्रिय है और इसका उत्पादन मुख्य रूप से भारत में ही निर्मित है तथा बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल आदि जैसे कुछ अन्य देशों को निर्यात किया जाता है। तम्बाकू का किसी भी रूप में सेवन हल्का उत्तेजक और लत लगाने वाला होता है। हालांकि, गुटखा सहित सभी तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन पर भारत में प्रतिबंध लगा दिया गया है। कंपनियां उसी ब्रांड नाम से पान मसाला नाम देकर इन्हें बेच रही हैं। ये उत्पाद गुटखे के ही दूसरे विकल्प हैं।

गुटखा पान मसाला खाने के नुकसान, गुटका के नुकसान
गुटखा में कैंसर जनक तत्त्व पाए जाते हैं, जिन्हें मुंह के कैंसर और गंभीर नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभाव पैदा करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है और इसलिए हमारे देश में इन पर भी सिगरेट के समान ही प्रतिबंध और चेतावनी अंकित करना अनिवार्य होता है। हम आज आपके साथ गुटखा के नुकसान की जानकारी शेयर कर रहे है –
1- दांतो के लिए है नुकसान दायक – गुटखा पान मसाला खाने का सबसे बड़ा नुकसान है यह दांतो को बहुत ही कमजोर और गन्दा बना देता है। जिसकी वजह से दातों की जड़ें कमजोर हो जाती है और दांत जल्दी टूटने लगते हैं। इसके साथ ही आपके दांत बिल्कुल ही पीले और काले पड़ जाते हैं। जिससे की आपके दांतों का कलर हमेशा- हमेशा के लिए बदल जाता है। फिर चाहे आप जितना भी सुबह उठकर ब्रश कर लें। लेकिन पहले जैसा आपके दांत कभी सफेद नहीं हो पाते हैं।
2 – मुंह पूरा नहीं खोल – गुटखा पान मसाला ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस (एसएमएफ, जिससे व्यक्ति अपना मुंह पूरा नहीं खोल पाता है) के खतरे को बढ़ाता है, इसमें मुंह के किसी भी विशेष क्षेत्र में कोलेजन फाइबर की अनियमित वृद्धि होती है, यह कैंसर से पहले होने वाला एक प्रबल रोग है।
3 – मसूड़ों में सूजन – गुटखा पान मसाला का अधिक सेवन मसूड़ों को काफी नुकसान होता है और आप के मसूड़े सूज जाते हैं और उसमें मवाद भरना शुरू हो जाता है। जिससे मुंह से बदबू आती है , मसूड़ों में सूजन हो जाने की वजह से पानी पीने या खाना खाने आदि में परेशानी होती है।
4 – मुंह में दाग – गुटखा का सेवन से मुंह में सफेद दाग (ल्यूकोप्लाकिया), मुंह में लाल दाग (एरिथ्रोप्लेकिया), मुंह के मुलायम ऊतकों पर घाव और गांठे होने लगती है, जो मुंह के कैंसर में बदल सकती हैं, उनमें आमतौर पर दर्द नहीं होता हैं। हमारे देश में कुल कैंसर का 40% हिस्सा मुंह का कैंसर होता है।
5 – मुंह का कैंसर- गुटखा माउथ कैंसर का सबसे बड़ा कारण है , जब आप गुटखा चबाते हैं तो आपकी जीभ, जबड़े और मुंह के अंदर बहुत ही खतरनाक सफेद दाग बनने शुरू हो जाते हैं और फिर आपके मुंह में धीरे-धीरे माउथ कैंसर की कोशिकाएं उत्पन्न होने लग जाती है। अगर आप ज्यादा गुटखा खाते हैं तो आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसकी वजह से आपका मुंह खुलना धीरे- धीरे कम हो जाता है। क्योंकि इसके सेवन करने से आपके जबड़ों में गांठ बनना शुरू हो जाती है।
6- डीएनए को खतरा – गुटखा से डीएनए को नुकसान होता है , गुटखा खाने से ना केवल आपके सेहत को नुकसान होता है और मुंह पर गलत प्रभाव पड़ता है। बल्कि इसके साथ-साथ आपके डीएनए भी बहुत ज्यादा प्रभावित होता है जो कि बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है।
7 – फेफड़े का कैंसर – गुटखा के सेवन का असर धीरे-धीरे फेफड़ों तक पहुँचता है। जिसके वजह से फेफड़ों में कैंसर होने का खतरा अधिक हो जाता है। आपके फेफड़ों में गुटखा के साइड- इफेक्ट फैल जाते हैं तो आप को सांस लेने में भी तकलीफ होती है और सीने में दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
8 -तम्बाकू से हृदय रोग – गुटखा चबाने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है। इसी के साथ- साथ दिल से जुड़ी कई बीमारियां होने का खतरा अधिक हो जाता है जो लोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीज है। उन्हें गुटका भूल कर भी नहीं खाना चाहिए। क्योंकि इससे उनका हाई ब्लड प्रेशर कभी भी कम नहीं होगा और अधिक होता जाएगा।
9 – नींद लेने में परेशानी – गुटका में मौजूद केमिकल्स दिमाग में नींद की रसायन को धीरे धीरे पूरी तरह से खत्म करने लग जाते हैं और एक समय ऐसा आता है कि जब आप रात को सोते हैं तो नींद नहीं आती है और आप गुटका के बिना भी नहीं रह पाते हैं और आप भरपूर नींद नहीं ले पाते हैं तो आपके अंदर कई तरह की बीमारियां होने शुरू हो जाते हैं।
10 – गर्भवती महिलाओं पर बुरा असर – अगर कोई महिला गुटखा का सेवन करती है और गर्भवती होना चाहती है तो उनको ये पता होना चाहिए की तम्बाकू खाने की वजह से उनके उनके साथ साथ बच्चे पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। कई बार तो ऐसी नौबत आ जाती है कि उन्हें गर्भपात तक कराना पड़ जाता है।
11 – हार्मोन पर बुरा असर – गुटखा  से हार्मोन भी प्रभावित होता है , चाहे कोई महिला हो या पुरुष जो लोग गुटखा खाते हैं उनका हार्मोन प्रभावित होता है। उनकी प्रजनन क्षमता पर इसका बुरा असर पड़ता है। कई पुरुष नपुंसक हो जाते हैं तो कई महिलाएं इसके अधिक सेवन करने से बांझपन का शिकार हो जाती है।
12 – रोग प्रतिरोधक क्षमता को करे कमजोर – गुटखा के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काम हो जाती है , गुटखा खाकर थूकने से संक्रमण फैलता है और तंबाकू खाने से व्यक्ति जल्द इसकी चपेट में आ जाता है। गुटखा-सिगरेट से दमा, डायबिटीज, कैंसर और गुर्दा संबंधी रोग होते हैं। इन बीमारियों से पीडि़त मरीजों के कोरोना संक्रमित होने की संख्या अधिक मिल रही है। कोरोना इन बीमारियों की तीव्रता को भी बढ़ा देता है। इनका सेवन करने वालों की रोग प्रतिरोधक भी घट जाती है।

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